Home Loan Eligibility Calculator
Home Loan EMI Calculator
  • Loan Amount:

    100000
    100000000
    5000000
  • Tenure (months):

    12
    360
    240
  • Interest Rate:

    5%
    15%
    6.90
  • Equated Monthly Installment (EMI) will be

  • लाभ
  • विशेषताएँ
  • पात्रता
  • ब्याज दर एवं प्रभार
  • दस्तावेजीकरण
  • सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

बड़ौदा आवास ऋण एडवांटेज विशेषताएँ

सुविधा: लिंक्ड बचत खाते के लिए उपलब्ध सुविधाएं

बचत खाते की शेष राशि मांग किए जाने पर आहरण के लिए उपलब्ध है. अत: ऋणकर्ता सामान्य बचत बैंक नियमों के अनुसार ही चेक बुक सुविधा, एटीएम सह डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग सुविधा, मोबाईल बैंकिंग सुविधा के पात्र हैं. चेक बुक, एटीएम कार्ड आदि के लिए प्रभार बचत बैंक खातों के अनुसार होगा.

बड़ौदा आवास ऋण एडवांटेज पात्रता

  • निवासी भारतीय
  • भारतीय पासपोर्ट धारक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) या विदेशी पासपोर्ट धारक भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) या भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई).

उद्देश्य
  • गृह/फ्लैट की खरीद /विनिर्माण
  • आवासीय प्लॉट की खरीद
  • आवासीय प्लॉट की खरीद और गृह निर्माण
  • किसी अन्य बैंक/ आवासीय वित्त कंपनी/ गैर बैंकिंग वित्त कंपनी/ वित्तीय संस्थान आदि से टेक ओवर
  • मौजूदा मकान का विस्तार/ अतिरिक्त विनिर्माण
  • स्वयं के स्त्रोत से गृह/ फ्लैट के विनिर्माण हेतु किए गये व्यय

बड़ौदा आवास ऋण एडवांटेज ब्याज दर एवं प्रभार

Product Conditions Repo Rate + Spread Effective Rate of Interest
Baroda Home Loan Advantage
Conditions
Upto Rs. 75 lakhs
Repo Rate + Spread

BRLLR to BRLLR+1.35% *
(As per CIBIL Score of the applicant/s.)
*For Non-Salaried Customers additional ROI of 0.10%

Effective Rate of Interest
0.00%
Conditions
Above Rs. 75 lakhs
Repo Rate + Spread

BRLLR + 0.25% to BRLLR+1.60% *
(As per CIBIL Score of the applicant/s.)
*For Non-Salaried Customers additional ROI of 0.10%

Effective Rate of Interest
0.00%

बड़ौदा आवास ऋण एडवांटेज दस्तावेजीकरण

गृह ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेज़ यहां क्लिक करें

बड़ौदा आवास ऋण एडवांटेज सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

लक्ष्य समूह
  • निवासी भारतीय
  • भारतीय पासपोर्ट धारक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) या भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) विदेशी पासपोर्ट धारक या भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई).
  • स्टाफ सदस्य (सार्वजनिक योजना के अंतर्गत लाभ उठाने वाले)

ऋणकर्ता/ओं की पात्रता
  • व्यक्ति एकल या संयुक्त रूप से.
  • हिन्दू अविभक्त परिवार (एचयूएफ) पात्र नहीं है.

निवासी भारतीय

आवेदक/ सह-आवेदक न्यूनतम 1 वर्ष (वेतन भोगियों के लिए) और / या 2 वर्ष (गैर-वेतन भोगियों के लिए) की अवधि के लिए नियोजित/ कारोबार /व्यवसायरत में होने चाहिए (पात्रता के लिए जिनकी आय पर विचार किया जाएगा).


(सेवा में अंतराल (ब्रेक), यदि कोई हो, तो अधिकतम 3 माह की अवधि तक इसकी अनुमति दी जा सकती है)


एनआरआई/ पीओआई/ ओसीआई

क) आवेदक/ सह-आवेदक/कों (जिनकी आय पात्रता के लिए मानी जाएगी) न्यूनतम विगत 2 वर्षों के लिए सुप्रसिद्ध भारतीय / विदेशी कंपनी, संस्थान या सरकारी विभाग में नियमित सेवा पर हों, जिनके पास वैध नौकरी करार/ वर्क परमिट धारक हो, नियमित नौकरी होनी चाहिए.
या
नियोजित/ स्व नियोजित या अपनी कारोबार इकाई हो और 2 वर्षों से विदेश में रहते हो.


ख) आवेदक/ सह-आवेदक/कों (पात्रता के लिए जिनके आय को विचार में लिया जाएगा) की न्यूनतम कुल वार्षिक आय रु. 5.00 लाख प्रति वर्ष होनी चाहिए. यदि आवेदक / सह-आवेदक/कों, जिनकी आय पर पात्रता के लिए विचार किया जाएगा, में एनआरआई शामिल है, इस मानदंड के लिए न्यूनतम कुल वार्षिक आय रु. 5 लाख (आवेदक/सह-आवेदक दोनों की आय) होने पर विचार किया जा सकता है.


भारतीय मूल के व्यक्तियों को निम्नानुसार विनिर्दिष्ट किया गया है :-

बांग्लादेश / पाकिस्तान / श्रीलंका / अफगनिस्तान / चीन / इरान / नेपाल और भूटान को छोड़कर अन्य सभी देश के नागरिक यदि–

  • उनके पास कभी भी भारतीय पासपोर्ट रहा हो या
  • भारतीय संविधान के नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार वह या उसके माता-पिता या उसके दादा-दादी या नाना-नानी में से कोई भी भारत के नागरिक रहे हों.
  • वह व्यक्ति भारतीय नागरिक का पति या पत्नी या उपर्युक्त उप मद (क) या (ख) में उल्लेखित व्यक्ति के संदर्भ में हो.

प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) को निम्नानुसार विनिर्दिष्ट किया गया है :-
  • नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7 ए के अंतर्गत प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) के तौर पर पंजीकृत व्यक्ति.
  • दिशानिर्देशों के अनुसार भारत के विदेशी नागरिक को प्रवासी भारतीय मूल का व्यक्ति (पीआईओ) होना अनिवार्य है.
  • विदेशी नागरिक, जो दिनांक 26/01/1950 को भारत का नागरिक होने का पात्र था या दिनांक 26/01/1950 को या उसके पहले किसी भी समय भारत का नागरिक थे या दिनांक 15/08/1947 के बाद भारत का अंग बने किसी प्रदेश से थे तथा उसके/ उनके बच्चे या पोता-पोती है, बशर्तें कि उनकी नागरिकता का देश दोहरी नागरिकता को किसी न किसी रूप में या अन्यथा स्थानीय कानून के अंतर्गत स्वीकार करते हो, प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) के रूप में पंजीकरण के लिए पात्र है. ऐसे व्यक्ति के नाबालिग बच्चे भी ओसीआई के लिए पात्र है. तथापि, यदि आवेदक कभी भी पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक रहा हो, तो वह ओसीआई के लिए पात्र नहीं होगा.

सह - आवेदक

उच्चतर पात्रता के लिए सह आवेदक के रूप में आवेदक के करीबी रिश्तेदार को शामिल किया जा सकता है.


यदि आवेदक को सह-आवेदक के रूप में किसी ऐसे व्यक्ति को शामिल करना है, जो उसका करीबी रिश्तेदार नहीं है, तो संपत्ति के संयुक्त स्वामी होने पर ही इस पर विचार किया जाएगा.


करीबी रिश्तेदारों की सूची :-

पति/पत्नी, पिता, माता (सौतेली मां सहित), पुत्र (सौतेले पुत्र सहित), पुत्र वधु/बहु, पुत्री (सौतेली पुत्री सहित), पुत्री का पति, भाई /बहन (सौतेली भाई/बहन सहित), भाई की पत्नी, पति या पत्नी की बहन (सौतेली बहन सहित), बहन का पति, पति या पत्नी का भाई (सौतेला भाई सहित).


अधिकतम सीमा

मुंबई : रु. 10 करोड़


अन्य महानगर* : रु. 5 करोड़


शहरी क्षेत्र : रु. 3 करोड़


अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण : रु. 1 करोड़


आवेदक/ सह-आवेदक (कों) के आय मानदंड और चुकौती क्षमता तथा एलटीवी/ मार्जिन मानदंडों के अधीन.


चुकौती अवधि
  • 36 माह तक की अधिकतम अधिस्थगन अवधि सहित प्रारंभिक रूप से 30 वर्षों की अधिकतम ऋण अवधि.
  • 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि निम्नानुसार होगी.
  • गृह निर्माण और 7 मंजिलों तक बिल्डिंग के निर्माण के लिए 18 माह की अधिस्थगन अवधि. तत्पश्चात प्रति मंजिल 6 माह अतिरिक्त अधिस्थगन अवधि, कुल 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन की शर्तों के अधीन अवधि.

चुकौती क्षमता

प्रस्तावित ईएमआई के साथ कुल कटौतियां निम्न से अधिक नहीं होनी चाहिए :-


वेतनभोगी व्यक्ति
  • रु. 20, 000/- से कम सकल मासिक आय (जीएमआई) - 50%
  • रु. 20, 000/- से अधिक लेकिन रु. 50,000/- से कम सकल मासिक आय (जीएमआई) - 60%
  • रु. 50, 000/- से अधिक लेकिन रु. 2.00 लाख से कम सकल मासिक आय (जीएमआई)- 65%
  • रु. 2.00 लाख से अधिक लेकिन रु. 5.00 लाख से कम सकल मासिक आय (जीएमआई) - 70%
  • रु. 5 लाख से अधिक सकल मासिक आय (जीएमआई) - 75%

अन्य :-

रु. 6 लाख तक औसत सकल वार्षिक आय (विगत -2- वर्षों से) : 70%


रु. 6 लाख से अधिक औसत सकल वार्षिक आय (विगत -2- वर्षों से): 80%


मार्जिन मानदंड और मूल्य की तुलना में ऋण (एलटीवी) अनुपात
ऋण राशि मार्जिन एलटीवी अनुपात
रु .30/- लाख तक का ऋण 10% 90%
रु. 30/- लाख से अधिक और रु. 75 लाख तक ऋण 20% 80%
रु. 75/- लाख से अधिक ऋण 25% 75%

आयु

न्यूनतम : ऋणकर्ता – 21 वर्ष, सह- आवेदक - 18 वर्ष


अधिकतम : अधिकतम आयु के लिए 70 वर्ष* की आयु तक विचार किया जा सकता है.


प्रतिभूति
  • निर्मित/ खरीदी गई संपत्ति का गिरवी/ मोर्गेज
  • यदि गिरवी संभव न हो, तो बैंक अपने विवेकाधिकार पर बीमा पॉलिसी, सरकारी प्रोमिसरी नोट, शेयर और डिबेंचर, सोने के आभूषण आदि के रूप में प्रतिभूति स्वीकार कर सकता है.

चुकौती
  • 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि सहित आरंभ में ऋण की अधिकतम अवधि 30 वर्षों की होगी.
  • अधिकतम ऋण स्थगन अवधि निम्न अनुसार 36 माह की होगी.
  • निर्माणाधीन गृह और 7 मंजिल तक भवन के लिए 18 माह की ऋणस्थगन अवधि और तत्पश्चात प्रति मंजिल 6 माह का अतिरिक्त ऋणस्थगन अवधि, कुल 36 माह की अधिकतम ऋणस्थगन अवधि की शर्तों के अधीन.
  • ऋण की चुकौती समान मासिक किश्तों में की जानी है.
  • किसानों/ कृषि विशेषज्ञों को, प्रमुख उत्पादित फसलों की कटाई/विपणन के समय छमाही किश्तों में चुकौती की अनुमति दी जा सकती है.
  • ऋणस्थगन अवधि के लिए ब्याज की वसूली/ ऋणस्थगन अवधि के दौरान प्रभारित ब्याज को नामे करते समय वसूल की जानी है.

समय-पूर्व बंदी प्रभार

शून्य


ब्याज दर

नियत दर विकल्प : दिनांक 01.07.2010 से वापस ले लिया गया है.


अस्थिर दर: इस ऋण पर ब्याज की वसूली प्रचलित दर से दैनिक घटते हुई शेष राशि पर मासिक आधार पर की जाएगी. ब्याज दर बैंक के एक वर्षीय (एमसीएलआर) से संबद्ध होता है और इसे वार्षिक आधार पर रिसेट किया जाता है. ब्याज दर आवेदक/ सह आवेदक के सिबिल स्कोर के आधार पर निर्धारित किया जाएगा, जो कि बैंक द्वारा समय-समय पर संशोधन के अधीन हैं. (न्यूनतम 1 वर्ष एमसीएलआर से अधिकतम एक वर्ष एमसीएलआर + 1% तक हो सकता है)


अद्यतन ब्याज दर की जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.


एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभार

एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभारों में निम्नलिखित शामिल है :-

  • प्रोसेसिंग प्रभार
  • दस्तावेजीकरण प्रभार
  • दस्तावेज सत्यापन / पुनरीक्षण प्रभार
  • पूर्व-स्वीकृति निरीक्षण (कॉन्टेक्ट पॉइंट सत्यापन-सीपीवी) प्रभार
  • एकबारगी निरीक्षण पश्चात प्रभार
  • विधिक राय के लिए अधिवक्ता प्रभार
  • मूल्यांकन के लिए मूल्यांकनकर्ता प्रभार
  • ब्यूरो रिपोर्ट प्रभार
  • सरसाई प्रभार
  • आईटीआर सत्यापन प्रभार

प्रोसेसिंग प्रभार जानने के लिए यहां क्लिक करें. Click here


ग्रुप क्रेडिट लाइफ इंश्योरेंस कवर

बैंक ऑफ़ बड़ौदा का अपने गृह ऋणकर्ताओं को जीवन बीमा कवर प्रदान करने के लिए मेसर्स इंडिया फ़र्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ टाई-अप व्यवस्था है.


यह जीवन बीमा की वैकल्पिक योजना है और ऋणकर्ता को इसका वहन करना होगा जिसकी स्वीकृति के समय बैंक द्वारा इसका निधियन किया जा सकता है जो कि ऋण की समान मासिक किश्त के साथ चुकौती योग्य है.


मेसर्स इंडिया फ़र्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा ऑफर किए गए ग्रुप क्रेडिट लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की प्रमुख विशेषताएं निम्नानुसार है :-
  • गृह ऋण ऋणकर्ता ओं के लाभ के लिए वैकल्पिक योजना है और शाखाओं द्वारा ऋणकर्ता/ ओं को उनकी पसंद के अनुसार इंडिया फ़र्स्ट लाइफ इंश्योरेंस से बीमा प्रदाताओं का चयन करने का विकल्प दिया जाएगा.
  • यह समूह बीमा योजना है जो ऋणकर्ता की मृत्यु जैसी आकस्मिक घटनाओं के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करती है.
  • ऋणकर्ता की मृत्यु हो जाने से उसके परिवार को दावा निपटान राशि तक की ऋण राशि की चुकौती करना आवश्यक नहीं है.
  • देय बकाया कवर राशि का कवर शेड्यूल के अनुसार बीमा कंपनी द्वारा भुगतान किया जाएगा.
  • ऋणकर्ता की मृत्यु के कारण एनपीए श्रेणी में खाते के स्लिपेज को रोका जा सकता है.
  • एकबारगी प्रीमियम भुगतान के एवज में लाइफ कवर उपलब्ध है और प्रीमियम की राशि ऋणकर्ता की आयु, ऋण राशि, ब्याज दर और ऋण की अवधि पर आधरित है.
  • ऋणकर्ता के अनुरोध पर कवर प्राप्त करने के लिए प्रीमियम राशि को ऋण के भाग के रूप में दिया जा सकता है और तदनुसार ईएमआई की गणना की जाएगी. लेकिन इन मामलों में एलटीवी अनुपात के संबंध में गृह ऋण दिशानिर्देशों का अनुपालन आवश्यक है.
  • प्रीमियम राशि ऋणकर्ता की कुल पात्रता के अनुसार ऋण का भाग हो सकती है, जिसे बैंक द्वारा स्वीकृति के समय प्रदान किया जाएगा एवं ऋण की ईएमआई के साथ वसूली योग्य होगा.
  • ऋण को पुरोबंधित (समय पूर्वा बंद) करने के मामले में, बीमा प्रदाता द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम का कुछ हिस्सा लौटाया जाएगा.
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  • बड़ौदा पूर्व अनुमोदित गृह ऋण
  • बड़ौदा टॉप अप ऋण (निवासी / एनआरआई / पीआईओ के लिए)
  • बड़ौदा गृह सुविधा वैयक्तिक ऋण
  • कम आय वाले आवास (सीआरजीएफ़एस) हेतु क्रेडिट रिस्क गारंटी फ़ंड योजना
  • Others

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • What Is Mod In Home Loan?

    Home Loan is generally secured by the mortgage of the residential unit to be purchased / constructed. MOD (Memorandum of Deposit of Title Deed) confirms that you have given your property’s title documents to the Bank and Bank’s charge is created over the property.

  • What Is Ltv In Home Loan?

    LTV is short form of Loan To Value i.e. the maximum loan that can be given against the value of residential unit.
    LTV for Home Loan is as under-
    Loan upto Rs.30/- lacs: 90%
    Loan above Rs.30/- lacs and upto Rs.75/- lacs: 80%
    Loan above Rs.75/- lacs: 75%

  • What Happens To Home Loan After Death?

    We suggest to secure Home Loan under Group Credit Life Insurance Policy or any other Term Insurance policy so that one do not leave the home loan liability in case of any unforeseen event after one's demise. Otherwise home loan liability will be on remaining Co-Applicants and / or Legal Heirs of the demised.

  • Who Can Be Co Applicant For Home Loan?

    The close relatives (as listed under) of the applicant can be added as a co-applicant for arriving at higher eligibility. If the applicant wants to add any person who is not a close relative as a co-applicant, same can be considered only if he/ she are the joint owner of property. However, in such cases, name of any other close relative, who is not a joint owner of the property, should not be added as co-applicant for considering higher eligibility.
    List of Close Relatives: Spouse, Father, Mother (including Step Mother), Son (including Step Son), Son’s wife, Daughter (Including Step Daughter), Daughter’s husband, Brother/sister (Including step brother/sister), Brother’s wife, sister (including step sister) of spouse, Sister’s husband, Brother (including step brother) of spouse.

  • Which Bank Has Lowest Interest Rate For Home Loan?

    Bank of Baroda offers one of the lowest interest rate on Home Loan. Please visit Interest Rate page to know the prevailing Rate of Interest on home loans.

  • How Much Tax Can Be Saved On Home Loan?

    EMI of housing loan has two components-

    • Interest Payment
    • Principal Payment

    Interest portion paid for the year can be claimed as deduction upto maximum of Rs.2 lacs under section 24, and Principal portion of EMI paid for the year is allowed as deduction under section 80C. The maximum amount that can be claimed is Rs.1.50 lacs.

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