अपनी मूल्यावान वस्तुओं को सुरक्षित रखें
और मन की शांति सुनिश्चित करें.
  • लाभ
  • विशेषताएं
  • आवश्यक दस्तावेज़
  • सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

सेफ डिपॉजिट लॉकर विशेषताएं

  • कोई भी व्यक्ति किसी अवस्यक या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति के नाम पर खाता खोल सकता है यदि वह उसका अभिभावक हो, परंतु, किसी अभिभावक द्वारा अवस्यक या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति के नाम से केवल एक ही खाता खोला जा सकेगा.
  • इस योजना के अधीन संयुक्त खाता नहीं खोला जाएगा.
  • एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम रु. 50/- के गुणक में रु. 500/- से कम और रु. 1,50,000/- से अधिक नहीं किया जा सकेगा.
  • खाते में राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा की जा सकती है.
  • पी.पी.एफ़. खाता किसी भी बैंक की शाखा, डाकघर से/के लिए स्थानांतरणीय योग्य हैं.
  • पीपीएफ खाते पर ऋण सुविधा उस वर्ष के अंत से 1 वर्ष की समाप्ति के बाद उपलब्ध है जिसमें प्रारंभिक सदस्यता बनाई गई थी.
  • जिस वर्ष खाता खोला गया था, उस वर्ष के अंत से 5 वर्ष की समाप्ति के बाद किसी भी समय 50 प्रतिशत तक की आंशिक निकासी की जा सकेगी.

पात्रता

कोई भी वयस्क अपने नाम से या मानसिक रूप से विकृत अवस्यक के संरक्षक के रूप में पीपीएफ़ खाता खोल सकता है। हिन्दू अविभाजित परिवार एवं अनिवासी भारतीय पीपीएफ़ खाता नहीं खोल सकते हैं


ऑनलाइन अंशदान सुविधा

बैंक ऑफ बड़ौदा में पीपीएफ़ खाता रखने वाले मौजूदा ग्राहक बैंक ऑफ बड़ौदा बचत खाते से पीपीएफ़ में ऑनलाइन अंशदान कर सकते हैं.


न्यूनतम राशि

प्रति वर्ष रु. 500/- जमा करना आवश्यक है. जिस खाते में किसी भी कारण से राशि जमा नहीं की जाति है तो उसे बंद खाता माना जाएगा और इस तरह के खाते को परिपक्वता से पहले बंद नहीं किया जा सकता है. बंद खाते को न्यूनतम जमा राशि अर्थात रु. 500/- के साथ प्रत्येक चूक वर्ष के लिए रु. 50 प्रति चूक शुल्क के साथ फिर से चालू किया जा सकता है.


अधिकतम राशि

रु.1.5 लाख प्रति वर्ष. यह राशि खाते में एकमुश्त या किस्तों में जमा की जा सकती है.


परिपक्वता अवधि

15 वर्ष. खाते को 15 वर्ष की समाप्ति के बाद आगे 5 और वर्ष के लिए चालू रखा जा सकता है.


ब्याज दर
  • ब्याज दर का भुगतान भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दर पर किया जाता है.
  • तिमाही के लिए ब्याज दर 01/04/2021 से 30/06/2021 प्रति वर्ष 7.1% है.
  • ब्याज की गणना वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज पर की जाती है.
  • माह के लिए ब्याज की गणना खाते में माह की 5वीं तारीख से लेकर माह के अंतिम तारीख तक उपलब्ध न्यूनतम शेष पर की जाती है.
  • अन्य बैंक के चेक से राशि जमा करने पर खाते में राशि की प्राप्ति की तारीख को जमा राशि तारीख माना जाएगा.

नामांकन सुविधा

उपलब्‍ध है


हस्तांतरण

पीपीएफ़ खाते को किसी अधिकृत बैंक की शाखा से डाकघर में एवं डाकघर से अधिकृत बैंक की शाखा में तथा बैंक की एक शाखा से दूसरी शाखा में हस्तांतरित किया जा सकता है. पीपीएफ़ खाते को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है. साथ ही, जमाकर्ता की मृत्यु होने की स्थिति में भी नामिती खाते को चालू नहीं रख सकता है.


ऋण सुविधा

वर्ष समाप्ति से 1 वर्ष के समापन के पश्चात किसी भी समय जिसमें प्रारंभिक अंशदान किया गया हो, परंतु वर्ष समाप्ति से 5 वर्षों के समापन से पूर्व जिसमें प्रारंभिक अंशदान किया गया हो, खाता धारक उस तात्कालिक पूर्ववर्ती वर्ष, जिस वर्ष उसने ऋण के लिए आवेदन किया है, दूसरे वर्ष की समाप्ति पर उसे क्रेडिट होने वाली राशि के योग, जो कि 25% से अधिक न हो के लिए आवेदन कर सकता है.

अवयस्क या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति की ओर से खोले गए खातों के मामले में, सरंक्षक, अवयस्क या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति के लाभ के लिए ऋण हेतु आवेदन कर सकता है.

खाताधारक नए ऋण प्राप्त करने के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक पूर्व ऋण को ब्याज सहित पूर्णतया चुकाया न गया हो, खाताधरक एक वर्ष में सिर्फ एक ऋण के लिए पात्र होगा.

खाताधारक द्वारा ऋण की मूल राशि पिछले माह जिसमें ऋण स्वीकृत किया गया है के प्रथम दिन से छ्त्तीस माह की समाप्ति से पहले एकमुश्त राशि या किस्तों में चुकाया जाएगा.

ऋण की मूल राशि पूर्णतया चुकाने के बाद, खाताधारक, उस पूर्ववर्ती माह, जिसमें माह के अंतिम दिन तक ऋण लिया गया है, जिसमें ऋण की पिछली किस्त चुका दी गई है, के पहले दिन के प्रारंभ से, मूल राशि की 1% प्रति वार्षिक दर से अधिकतम दो मासिक किश्तों में ब्याज़ का भुगतान करेगा हालांकि 36 माह की अवधि के अंदर, जहां ऋण चुकाया नहीं गया है, या केवल आंशिक रूप से चुकाया गया है, वहां ऋण की राशि पर बकाया ब्याज, उस माह के पहले दिन, जिस माह के पूर्ववर्ती माह में ब्याज़ लिया गया था तथा उस माह के अंतिम दिन, जिस माह में अंतत: ऋण चुकाया जाना है, के प्रभाव से 1% प्रतिवर्ष के स्थान पर 6% प्रतिवर्ष के आधार पर लिया जाएगा.

किसी ऋण पर देय ब्याज के किसी भी हिस्से के तहत बकाया ऋण की राशि पर ब्याज तथा वह देय ब्याज जिसका भुगतान नही किया गया हो, जिसमें मूल रकम का पुनर्भुगतान नहीं किया जा चुका है, बकाया होने पर खाताधारक के खाते से डेबिट किया जाएगा. बकाया ऋण पर ब्याज, जो 36 महीने की समाप्ति से पहले या आंशिक रूप से भुगतान नहीं किया गया होगा, प्रत्येक वर्ष के अंत में खाता धारक के खाते से डेबिट किया जाएगा.

खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में, यदि उसकी मृत्यु से पहले ब्याज़ चुकाया न गया हो, नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी खाताधारक द्वारा लिए गए ऋण पर ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा, इस प्रकार की देय ब्याज की राशि को खाते को बंद करते समय समायोजित किया जाएगा.


आहरण की सुविधा

जिस वर्ष खाता खोला गया था उस वर्ष की समाप्ति से 5 वर्ष पूर्ण होने के बाद किसी भी समय खाता धारक, क्रेडिट राशि के शेष से आहरण कर सकता है जो कि आहरण किए जाने वाले पूर्वगामी वर्ष यानि 4 वर्ष की समाप्ति पर या पूर्वगामी वर्ष के अंत में, इनमें से जो भी कम हो, खाते में क्रेडिट राशि की 50% राशि ही आहरित की जा सकती है.

बशर्ते कि ऋण की राशि, ब्याज सहित, आहरण की सुविधा का लाभ उठाने से पहले खाताधारक द्वारा भुगतान किया जाएगा.

आहरण की सुविधा एक वर्ष के लिए सिर्फ उन खातों को होगी जो बंद नहीं हुए है.

अवस्यक या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति की तरफ से खोले गए खाते के मामले में, संरक्षक को अवस्यक या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति के लाभ के लिए आहरण हेतु आवेदन कर सकता है.

आंशिक आहरण की सुविधा विस्तारित खाते के लिए उपलब्ध होगा, पाँच वर्षों के ब्लॉक अवधि के दौरान कुल आहरण की शर्त के अधीन यह है कि ब्लॉक अवधि के आरंभ पर अतिशेष के साठ प्रतिशत से अधिक नहीं होगा. परंतु आहरण, उपर्युक्त यथा विनिर्दिष्ट अधिकतम सीमा के अधीन वार्षिक एकमुश्त या किस्तों में किया जा सकेगा।


समयपूर्व बंद करना

खाताधारक को अपने खाते को या अवयस्क खाते को जिसका वह अभिभावक है, समयपूर्व बंद करने की अनुमति निम्नलिखित कारणों में दी जाएगी :-

  • राशि की आवश्यकता जमाकर्ता के, उसकी पत्नी, उसके आश्रित बच्चे या माता-पिता के गंभीर रोग या बीमारी की इलाज़ के लिए है. सहायक दस्तावेज़ के रूप से सक्षम चिकित्सा प्राधिकारियों से प्राप्त दस्तावेज़ भी प्रस्तुत करना होगा.
  • खाताधारक या अवयस्क खाताधारक की उच्च शिक्षा के लिए राशि की आवश्यकता है. इसके साथ देश या विदेश के मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश होने की पुष्टि का दस्तावेज़ और शुल्क बिल प्रस्तुत करना होगा.
  • खाताधारक के निवास में परिवर्तन होने की स्थिति में पासपोर्ट और वीजा अथवा आयकर रिटर्न की प्रति प्रस्तुत किए जाने पर :
  • बशर्ते कि इस योजना के तहत खाता उस वर्ष के अंत से पांच वर्ष की समाप्ति से पहले बंद नहीं किया जाएगा, जिसमें खाता खोला गया था और खाते में ब्याज की अनुमति उसी दर से दी जाएगी जिस दर पर खाता खोलने की तारीख से समय-समय पर खाते में ब्याज जमा किया गया है अथवा खाते के विस्तार की तारीख जो भी मामला हो से एक प्रतिशत कम होगी


    कर लाभ

    ब्याज आय पूर्ण रूप से कर मुक्त है.


    अन्य विशेषताएँ
    • 15 वर्षों की समाप्ति के बाद एक वर्ष के भीतर पीपीएफ़ खाते को चालू रखने के विकल्प के लिए बिना लिखित अनुरोध के खाते में जमा की गई राशि पर आयकर में कोई छूट नहीं मिलेगा.
    • प्रति वर्ष 1,50,000 रु. अधिकतम जमा करने की निर्धारित सीमा के लिए अवयस्क खाते में जमा की गई राशि और उसके अभिभावक के खाते में जमा की गई राशि को एक साथ जोड़ा जाएगा.
    • खाताधारक की मृत्यु होने की स्थित में नामिती / कानूनी वारिस खाते को चालू नहीं रख सकते हैं. इस स्थित में खाते को बंद कर दिया जाएगा.
    • पीपीएफ़ खाते में वित्त वर्ष के दौरान प्रति वर्ष 1,50,000/- रु. से अधिक जमा की गई राशि को बिना किसी ब्याज के वापस कर दिया जाएगा और अधिक जमा की गई राशि पर आयकर में भी कोई छूट नहीं मिलेगा.

    • बैंक की किसी शाखा से अंशदान

      पीपीएफ़ खाताधारक बैंक की किसी भी शाखा में अंशदान राशि जमा कर सकते हैं.

सेफ डिपॉजिट लॉकर आवश्यक दस्तावेज़

सेफ डिपॉजिट लॉकर सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

लॉकर का आबंटन और परिचालन
  • बैंक अपनी चुनिंदा शाखाओं में लॉकर सुविधा प्रदान करता है.
  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा में लॉकर प्राप्त करने के लिए बैंक में आपका खाता होना जरूरी हैं.
  • लॉकर व्यक्तिगत रूप से (नाबालिग को छोड़ कर) या संयुक्त रूप से भी आबंटित किए जा सकते हैं.
  • अनिवासी भारतीयों को बैंक ऑफ़ बड़ौदा से लॉकर लेने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति लेना जरूरी नहीं है.
  • लॉकर किराये पर लेते समय बैंक किरायेदार से मियादी जमा के रूप में न्यूनतम सुरक्षा जमा राशि प्राप्त करेगा सुरक्षा जमा की राशि 3 वर्षों के किराये और आकस्मिकताओं में लॉकर तोडने से संबंधित खर्चो के बराबर होगी.
  • सुरक्षा जमा को किराये और लॉकर सेवाओं से संबद्ध अन्य सेवाओं के - जैसे इसे तोडना / चाबियां गुम होने पर ताला बदलना इत्यादि - संदर्भ में बैंक के ग्रहणाधिकार के तहत रखा जाएगा.
  • बैंक सुरक्षा जमा के रूप में रखे गए एफडीआर के लिए प्राप्ति सूचना जारी करेगा.
  • बैंक लॉकर के किरायेदार को करार की प्रति यानी 'किराये पर देने का ज्ञापन' की प्रति देगा.
  • चाबियां गुम होने पर इसकी सूचना तुरंत शाखा को दी जाए. नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा. लॉकर खोलने या गुम हो गई चाबियों को बदलने और ताला बदलने से संबंधित खर्चे किरायेदार द्वारा वहन किए जाएंगे.
  • किरायेदार को हर छ: महीनों में कम से कम एक बार लॉकर परिचालित करना होगा और यदि पिछले परिचालन की तारीख से एक वर्ष से अधिक समय तक लॉकर का परिचालन नहीं किया जाता, तो सुरक्षा के कारण से नोटिस देते हुए और किरायेदार को चूककर्ता मानते हुए बैंक को लॉकर का आबंटन रद्द करने का अधिकार है. लॉकर का यथायोग्य किराया भरा गया हो, तो भी बैंक को यह कार्यवाही करने का अधिकार है.
  • शाखाओं में प्रदर्शित निर्धारित समय में ही लॉकर परिचालन किए जाएंगे.

नामांकन / जीवित व्यक्ति संबंधी खंड के फायदे
  • लॉकर की जमा और सेफ कस्टडी वस्तुओं की सुविधा के विषय में नामांकन की सुविधा बैंक में उपलब्ध है, तथापि, एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा धारित लॉकर व सेफ डिपॉजिट वस्तुओं की सुविधा के संदर्भ में नामांकन सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.
  • संयुक्त लॉकर धारकों / सेफ कस्टडी धारकों में से एक की मृत्यु होने पर सेफ कस्टडी में रखी गई वस्तुओं पर जीवित संयुक्त धारकों का अपने आप अधिकार नहीं होता, यदि इसमें नामांकन / उत्तरजीविता नहीं रखा गया हो.
  • अत: ग्राहकों को सूचित किया जाता है कि अपने हित की दृष्टि से नामांकन करें / उत्तरजीविता के तहत संयुक्त खाता खोलें.

उत्तरजीवी (यों) / नामिती (तियों) / कानूनी वारिस (सों) को लॉकर का हक

उत्तरजीवी / नामिती खंड के साथ

  • यदि एकल लॉकर किरायेदार किसी व्यक्ति को नामित करता है, तो बैंक ऐसे नामिती को एकल लॉकर किरायेदार की मृत्यु होने पर लॉकर परिचालन करने को अनुमति देगा और लॉकर में रखी वस्तुओं को निकालने की उसे स्वतंत्रता रहेगी.
  • यदि लॉकर संयुक्त रूप से किराये पर लिया गया है, जिसमें जीवित खंड भी डाला गया है और किरायेदारों ने अनुदेश दिए हैं कि लॉकर के परिचालन ''दोनों में से कोई एक या जीवित'', ''कोई एक या जीवित या पहला व्यक्ति या जीवित'' द्वारा किये जा सकते हैं या किसी अन्य उत्तरजीवी खंड के अनुसार लॉकर किरायेदारों में से किसी एक या अनेकों की मृत्यु के प्रसंग में बैंक ऐसे आदेश का पालन करेगा.
  • सेफ कस्टडी में रखी वस्तुओं को जीवित / नामिती को वापस करने के विषय में भी यही कार्यपद्धति अपनाई जाएगी.
  • यदि लॉकर संयुक्त रूप से और संयुक्त हस्ताक्षर के तहत परिचालित करने के अनुदेश दिए गए हैं और लॉकर किरायेदार किसी व्यक्ति(यों) को नामित करता(ते) है (हैं) तो लॉकर धारकों की मृत्यु होने पर बैंक, जीवित (तो) और नामिती (तियों) को संयुक्त रूप से लॉकर परिचालित करने की अनुमति देगा और लॉकर में रखी वस्तुओं को निकालने की उन्हें स्वतंत्रता रहेगी.
  • दावेदारों को अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी और लॉकर किरायेदार की मृत्यु के विषय में दस्तावेजी-प्रमाण प्रस्तुत करना होगा.
  • ऐसे मामलों में बैंक उत्तरजीवी (यों)/नामिती (तियों) से उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र, एडमिनिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र या प्रोबेट या क्षतिपूर्ति बॉण्ड या हामीदारी पत्र इत्यादि की मांग नहीं करेगा.
  • मृतक व्यक्ति के लॉकर के परिचालन रोकने के विषय में सक्षम न्यायालय द्वारा बैंक को रोकने वाले कोई आदेश न हों.
  • नामांकन / जीवित खंड के साथ लॉकर / सेफ कस्टडी के विषय में बैंक सिर्फ निम्नलिखित कागजातों की मांग करेगा :
    • मृत्य प्रमाणपत्र (मूल प्रति से समुचित रूप से सत्यापित)
    • निर्धारित फॉर्म क्र. 352 में समुचित रूप से भरा हुआ दावा आवेदन.
    • सेफ कस्टडी रसीद / लॉकर के विमोचन के लिए स्टैंप्ड रसीद.
  • लागू शर्तों के अधीन उत्तरजीवी (यों) / नामिती (तियों) को परिचालन की अनुमति देने से इस ओर बैंक के समग्र दायित्व का निर्वाह हो जाता है और बैंक उत्तरजीवी (यों)/नामिती (तियों) से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र, एडमिनिस्टेशन प्रमाणपत्र या प्रोबेट इत्यादि का या क्षतिपूर्ति बॉण्ड या हामीदारी पत्र के लिए आग्रह नहीं करेगा.

उत्तरजीवी / नामिती खंड के बगैर
  • यदि मृतक लॉकर किरायेदार ने / सेफ कस्टडी में वस्तुएं रखनेवाले जमाकर्ता ने कोई नामांकन नहीं किया हो या स्पष्ट रूप से उत्तरजीवी खंड नहीं रखा हो, तो मृतक के कानूनी प्रतिनिधि को, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या प्रोबेट या वसीयतनामा या लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के आधार पर, लॉकर के परिचालन की अनुमति दी जाएगी.
  • ऐसे मामलों में बैंक निम्नलिखित दस्तावेजों के आधार पर कानूनी वारिस (सों) को परिचालन की अनुमति देगा :
  • मृत्यु प्रमाणपत्र (मूल प्रति से समुचित रूप से सत्यापित)
  • समुचित रूप से भरा हुआ दावा आवेदन, हामीदारी पत्र के साथ
  • कानूनी प्रत्यावेदन यानी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन या वसीयतनामे का प्रोबेट
  • सेफ कस्टडी रसीद / लॉकर के विमोचन के लिए स्टैंप्ड रसीद.
  • तथापि, लॉकर में रखी वस्तुएं अधिक मूल्यवान न हों, तो बैंक अपने विवेकाधिकार के तहत मृतक के वारिसों को कुछ शर्तों को पूरा करने के बाद लॉकर की वस्तुएं देखने की अनुमति दे सकता है और यदि उचित लगे तो उसके बाद खाते के परिचालन की अनुमति भी दी जा सकती है.

सामान्य दिशानिर्देश

किरायेदार / पट्टेदार और सेफ कस्टडी में वस्तुएं रखनेवाले जमाकर्ताओं को सूचित किया जाता है कि जीवित (तों) / नामिती (तियों) को लॉकर / सेफ कस्टडी वस्तुओं के परिचालन की अनुमति मृतक लॉकर किरायेदार / सेफ कस्टडी वस्तुओं के जमाकर्ता के कानूनी वारिसदारों के न्यासी के रूप में ही दिया जाए और यह शर्त रखी जाए कि जीवित (तों) / नामिती (तियों) को ऐसी अनुमति देने से ऐसे जीवित (तों) / नामिती (तियों) के विरुद्ध किसी व्यक्ति का कोई अधिकार या दावा हो, तो वह प्रभावित नहीं होगा.



देय तारीख के बाद लॉकर किराये के भुगतान के लिए दंड संबंधी संशोधित प्रावधान

जब लॉकर का वार्षिक किराया रु. 3000/-तक हो.


- पहले तीन महीनों के लिए रु. 200/- प्रतिमाह और उसके बाद रु. 50/- प्रतिमाह.

जब लॉकर का वार्षिक किराया रु. 3000/- से अधिक हो.


पहले तीन महीनों के लिए रु. 500/- प्रतिमाह और उसके बाद रु. 100/- प्रतिमाह


वर्षभर में 12 से अधिक बार लॉकर परिचालन के लिए नये प्रावधान

हर बार रु. 100/-


टिप्पणी
  • जिनका किराया दि. 31.10.2015 के बाद देय हो जाता है तथा उन्हें 01.11.2015. को या उसके बाद आंबटित सभी लॉकरों को संशोधित लॉकर किराया लागू होगा.
  • अग्रिम रूप से 3 वर्ष व इससे अधिक अवधि का किराया अग्रिम रूप से अदा किए जाने के मामले में किराये में 10% रियायत देने की पद्धति जारी रहेगी. प्रीमियम चालू खाता और प्रीमियम चालू खाता प्रीविलेज ग्राहकों को 3 वर्ष व इससे अधिक अवधि का किराया अग्रिम रूप से अदा किए जाने के मामले में किराये में 20% रियायत दी जाएगी.
  • देय तारीख पर लॉकर किराया जमा न करने वाले लॉकरधारकों से संशोधित दंड राशि वसूल की जाएगी.
  • लॉकर धारक अपने हित की दृष्टि से देय तारीख को अपने खाते में डेबिट डालकर किराये की वसूली करने के स्थायी अनुदेश शाखा को दें ताकि देय तारीख के बाद भुगतान की वजह से लगने वाला दंड नहीं देना पड़े.
  • प्राप्त आवेदन के क्रमानुसार लॉकर का आबंटन किया जाता है. इस संबंध में प्रतीक्षा सूची रखी जाती है.
  • 80% लॉकर्स पूर्ण रूप से सिर्फ प्रतीक्षा सूची के आधार पर ही जारी किए जाते हैं, जब कि 20% का आबंटन व्यावसायिक मांग के अनुसार शाखा प्रबंधक के विवेकाधिकार के तहत किया जाता है.
  • लॉकर तोड़ने के मामले में इससे संबंधित वास्तविक लागत के अलावा रु. 1000/-इन्सीडेंटल शुल्क के रूप में वसूल किए जाएंगे.
  • लॉकर किराये पर लेते समय बैंक किरायेदार से मियादी जमा के रूप में न्यूनतम सुरक्षा जमा प्राप्त करेगा सुरक्षा जमा की राशि तीन वर्षों के किराये और आकस्मिकताओं में लॉकर तोडने से संबंधित खर्चों के बराबर होगी. यह जमा मियादी की आरआईआरडी (आवर्ती आय आवर्ती जमा) योजना में रखी जाएगी. सुरक्षा जमा के लिए कोई रसीद नहीं दी जाएगी, तथापि, जमाकर्ता को प्राप्ति सूचना दी जाएगी.
    • सुरक्षा जमा को किराए और लॉकर सेवाओं में संबद्ध अन्य सेवाओं - जैसे तोडना / चाबियां गुम होने पर ताला बदलना इत्यदि - संदर्भ में बैंक के ग्रहणाधिकार के तहत रखा जाएगा.
  • देय तारीख पर किराये का भुगतान न करने पर लॉकर के परिचालन रोके जाएंगे.

किराया / सुरक्षा जमा राशि में संशोधन का बैंक को अधिकार है और वर्तमान किरायेदार / रों को किराये / सुरक्षा जमाराशि और इनकी प्रभावी तारीख की सूचना शाखा के नोटिस बोर्ड पर और बैंक की वेबसाइट www.bankofbaroda.com पर प्रदर्शित कर दी जाएगी..


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