बैंक ऑफ बड़ौदा
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स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण

  • लाभ
  • विशेषताएं
  • पात्रता मानदंड
  • आवश्यक दस्तावेज़
  • शुल्क
  • सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण : लाभ

  • स्वयं सहायता समूह (एसएचजी को) को रु. 10 लाख तक के अग्रिम के लिए कोई संपार्श्विक नहीं
  • स्वयं सहायता समूह (एसएचजी को) रुपये 00 लाख तक के अग्रिमों के लिए कोई मार्जिन नहीं
  • रु. 6 लाख तक के ऋण के लिए कोई प्रोसेसिंग शुल्क /दस्तावेजीकरण प्रभार/निरीक्षण शुल्क नहीं
  • सभी पात्र महिला एसएचजी डीएवाई-एनआरएलएम योजना के अंतर्गत ब्याज सबवेंशन के लिए पात्र होंगी
  • एसएचजी को 10 लाख से अधिक व 20 लाख रुपये तक के ऋण के लिए, कोई संपार्श्विक नहीं लिया जाना चाहिए, और यह सूक्ष्म इकाइयों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड (सीजीएफएमयू) के अंतर्गत  कवरेज के लिए पात्र होंगे.

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण : विशेषताएं

ऋण का उद्देश्य

  • जरूरतमंद लोगों को अल्पावधि के लिए लघु ऋण.
  • समूह के सदस्यों के लाभ के लिए संसाधन जुटाना/प्रबंधन करना.
  • सूचित किया जाता है कि समूह अपने सदस्यों के लिए एक क्रेडिट योजना तैयार कर सकता है और कुल जमा बैंक को प्रस्तुत किया जा सकता है. समूह द्वारा इस पर विचार करके इसके उद्देश्य पर निर्णय किया जाएगा जिसके लिए ऋण राशि को उसके व्यक्तिगत सदस्यों के बीच वितरित किया गया है.
  • एसएचजी द्वारा विभिन्न उद्देश्यों जैसे आपातकालीन जरूरतों, आजीविका विकास, उच्च लागत ऋण अदला-बदली, संपत्ति के अधिग्रहण और विभिन्न आय पैदा करने वाली कृषि, कृषि से संबद्ध और अन्य गैर-कृषि गतिविधियों के लिए ऋण दिया जा सकता है.

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण : पात्रता मानदंड

  • एसएचजी उनके खाते की बहियों के अनुसार खाता पिछले 6 महीनों से सक्रिय होना चाहिए न कि उनके खाता खोल जाने की तारीख से
  • एसएचजी को 'पंचसूत्र' अर्थात नियमित बैठकें, नियमित बचत, नियमित अंतर-ऋण, समय पर चुकौती और खातों की अद्यतन पुस्तकों का अभ्यास करना चाहिए.
  • बैंक/नाबार्ड/एनआरएलएम द्वारा निर्धारित ग्रेडिंग मानदंडों के अनुसार योग्यताधारी. जब कभी एसएचजी/एसआरएलएम/एनआरएलएम के संघ अस्तित्व में आते हैं, तो संघों/एसआरएलएम/एनआरएलएम द्वारा ग्रेडिंग अभ्यास किया जा सकता है. क्रेडिट लिंकेज के लिए 60 (या समकक्ष) और उससे अधिक के स्कोर वाले एसएचजी पर विचार किया जा सकता है.
  • निष्क्रिय स्वयं सहायता समूह भी फिर से सक्रिय होने पर ऋण के लिए पात्र होते हैं यदि वे और कम से कम 3 माह की अवधि के लिए खाता एक्टिव रहता है.
  • एसएचजी के पास अन्य वित्तीय संस्थानों से कोई मौजूदा ऋण नहीं होना चाहिए और सदस्यों को आजीविका संवर्धन गतिविधियों में शामिल होना चाहिए.

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण : आवश्यक दस्तावेज़

  • एसएचजी के पदाधिकारियों के केवाईसी दस्तावेज़ सहित आवेदन पत्र
  • बैंक ऋण लेने के लिए एसएचजी का संकल्प और पदाधिकारियों को खाता खोलने और संचालित करने का अधिकार
  • प्रायोजन एजेंसी से प्रायोजन पत्र

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण : शुल्क

कृषि खंड के लिए एकीकृत प्रोसेसिंग शुल्क (अर्थात प्रोसेसिंग, निरीक्षण, दस्तावेज़ीकरण, लेजर फोलियो शुल्क आदि) ऋण सीमा

शुल्क की राशि

रु 6 लाख तक

-शून्य

रु 6 लाख से अधिक और 10 लाख रुपये तक

रु 250/- प्रति लाख या उसका भाग.

रु 10 लाख से अधिक

रु. 350/- प्रति लाख या उसका भाग

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण : सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

ऋण राशि

न्यूनतम ऋण रु. वार्षिक आहरण शक्ति (डीपी) के साथ 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रत्येक पात्र एसएचजी को 6 लाख.

अधिकतम ऋण: कोई ऊपरी सीमा नहीं

  • प्रथम वर्ष के लिए डीपी: मौजूदा कोष का 6 गुना या न्यूनतम 1.50 लाख रुपये, जो भी अधिक हो.
  • दूसरे वर्ष के लिए डीपी: समीक्षा / वृद्धि के समय कुल राशि का 8 गुना या न्यूनतम 3 लाख रुपये, जो भी अधिक हो.
  • तीसरे वर्ष के लिए डीपी: एसएचजी द्वारा तैयार की गई माइक्रो क्रेडिट योजना (एमसीपी) के आधार पर न्यूनतम 6 लाख रुपये और संघों / सहायता एजेंसी और पिछले क्रेडिट इतिहास द्वारा मूल्यांकन किया गया. 
  • चौथे वर्ष के लिए डीपी: 6 लाख रुपये से अधिक, एसएचजी द्वारा तैयार किए गए एमसीपी के आधार पर और संघों / सहायता एजेंसी और पिछले क्रेडिट इतिहास द्वारा मूल्यांकन किया गया.

सावधि ऋण के मामले में:

  • पहली डोज खुराक: मौजूदा कोष का 6 गुना या न्यूनतम ₹1.5 लाख, जो भी अधिक हो
  • दूसरी डोज : मौजूदा कोष का 8 गुना या न्यूनतम ₹3 लाख, जो भी अधिक हो
  • तीसरी डोज: एसएचजी द्वारा तैयार किए गए एमसीपी और संघों/सहायता एजेंसी और पिछले क्रेडिट इतिहास द्वारा मूल्यांकित एमसीपी के आधार पर न्यूनतम ₹6 लाख.

चौथी डोज एवं इसके बाद : ₹6 लाख से ऊपर, एसएचजी द्वारा तैयार किए गए एमसीपी के आधार पर और संघों/समर्थन एजेंसी और पिछले क्रेडिट वृत्त द्वारा मूल्यांकित 

सुविधा का स्वरूप

कैश क्रेडिट एवं मियादी ऋण / मांग ड्राफ्ट एवं ओवरड्राफ्ट (टीएल/डीएल, सीसी & ओडी)

चुकौती अवधि

कैश क्रेडिट अथवा ओवरड्राफ्ट के लिए : वार्षि समीक्षा के अधीन 12 माह

मांग /मियादी ऋण के लिए : ऋण आयोजना एवं मंजूरी की शर्त्तो कि संबंधित योजना/प्रोजेक्ट के मानदंडों के अनुसार 24 से 84 महीने तक भिन्न हो सकता है.

प्रतिभूति

रू. 10.00 लाख तक के अग्रिमों के लिए कोई संपार्श्विक तय नहीं किया जाना चाहिए 

मार्जिन

एस.एच.जी को दिए जाने वाले रू. 10.00 लाख तक के अग्रिमों कोई मार्जिन तय नहीं किया जाना चाहिए

ब्याज दर

डे - एन.आर.एल.एम योजना के लिए

एस.एच.जी को  वित्तपोषण

लागू ब्याज दर    

रू. 3 लाख तक के ऋण

7%

रू. 3 लाख से अधिक तथा रू. 5 लाख तक के ऋण 

एक वर्षीय एम.सी.एल.आर       

रू. 5 लाख तक के ऋण     

एक वर्षीय एम.सी.एल.आर + एस.पी + 1.50 %      

डे - एन.आर.एल.एम योजना के अलावा अन्य

रू. 3 लाख तक के ऋण           

एक वर्षीय एम.सी.एल.आर + एसपी+1.00%

रु. 3 लाख से अधिक ऋण

एक वर्षीय एम.सी.एल.आर + एसपी +1.50%

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  • स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत वित्तपोषण
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  • स्वयं की जमाराशियों (लाबोड / ओडीबीओडी) के एवज में ऋण / ओवरड्राफ्ट.
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  • कृषि विकास गतिविधियों के वित्तपोषण हेतु योजना
  • छोटी दुग्धालय इकाइयों के वित्तपोषण हेतु योजना
  • एनबीएफसी – एमएफआई को वित्तपोषण हेतु योजना
  • प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाय) वित्त पोषण की योजना
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  • कृषि बुनियादी संरचना निधि के अंतर्गत वित्तपोषण के लिए योजना
  • कृषि भूमि की खरीद के लिए योजना
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