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  • विशेषताएं
  • पात्रता
  • ब्‍याज दर और प्रभार
  • सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

बड़ौदा एडवांटेज सावधि जमा खाता नॉन कॉलेबल (अप्रतिदेय) : विशेषताएं

उत्पाद की विशेषता

यह एक घरेलू सावधि जमा उत्पाद है जिसमें जमाकर्ता को रु.15.01 लाख एवं उससे अधिक से रु.10 करोड़ तक की जमा पर परिपक्वतापूर्व आहरण के विकल्प को छोड़ने पर सामान्य सावधि जमा दर से अधिक ब्याज प्राप्त होता है.


परिचालन का क्षेत्र

यह उत्पाद देश में स्थित सभी शाखाओं में उपलब्ध होगा.


लागू योजना

जमा निम्नालिखित योजनाओं के तहत स्वीकार की जा सकती है:

  • आरआईआरडी- योजना
  • एमआईपी योजना
  • क्यूआईपी- योजना

इस उत्पाद में अल्पावधि जमा उपलब्ध नहीं है


न्यूनतम जमा राशि

रु.15,01,000/- (इससे अधिक रु. 1000/- के गुणकों में)


अधिकतम जमा राशि

रु. 10 करोड़


ब्याज भुगतान की आवृत्ति

खाते में ब्याज भुगतान सामान्यत: सावधि जमा (प्रतिदेय जमा) उत्पाद के संबंध में यथालागू दरों के अनुसार होगा.


अवधि
  • न्यूनतम - 12 महीने
  • अधिकतम- 120 महीने

परिपक्वतापूर्व भुगतान सुविधा

योजना के तहत की गई जमा का परिपक्वतापूर्व आहरण किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं किया जाएगा. जमाकर्ता की मृत्यु के संबंध में (व्यक्तिगत श्रेणी) सावधि जमा के विद्यमान दिशानिर्देशों के अनुसार नामिती/वैध उतराधिकारियों के नाम में अंतरित किया जाएगा.


नामांकन सुविधा

नामांकन सुविधा उपलब्धo है.


स्रोत पर कर की कटौती

नियमानुसार ब्याज भुगतान पर कर की कटौती की जाएगी.


ऋण/ओवरड्राफ्ट की उपलब्धता

बैंक के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जमा पर ब्याज दर से अधिक लागू ब्याज दर पर बकाया शेष के 85% ऋण/ओवरड्राफ्ट सुविधा की अनुमति होगी.


ऑटो नवीकरण सुविधा

परिपक्वता तारीख को रु. 1 करोड़ से कम मूल्य की जमाएं, आरआईआरडी/एमआईपी/क्यूआईपी के संबंध में, 12 महीने की सामान्य सावधि जमा योजना (प्रतिदेय) पर देय ब्याज दर पर स्वतः 12 महीने के लिए नवीकृत कर दी जाएंगी.


यदि खाता खोलने के समय जमाकर्ता द्वारा रु. 1 करोड़ एवं उससे अधिक की जमाओं (बल्क जमा) की परिपक्वता तारीख को इसे सामान्य आवधि जमा योजना (प्रतिदेय सावधि जमा योजना) के रूप में इस आशय का अनुदेश दिया हो तो, स्वतः नवीकृत कर दिया जाएगा. नवीकरण अनुदेश की अनुपस्थिति की स्थिति में ऐसी जमाओं को परिपक्वता पर जमाकर्ता के सक्रिय खाते में जमा कर दिया जाएगा.


खाता बंद करना

विद्यमान सावधि जमा खाता नियम के अनुरूप परिपक्वता पर खाता बंद कर दिया जाएगा.


सरकारी विभागों द्वारा प्रतिभूति के रूप में तथा गैर निधि आधारित गतिविधियों के लिए मार्जिन के रूप में स्वीकृत, बशर्ते परिपक्वतापूर्व भुगतान की मांग न करने हेतु सहमति दी गई हो.


अन्यई नियम एवं शर्तें

इन जमाओं पर सावधि जमा के पात्रता मानदंड एवं अन्य सभी अनुदेश जो 'फिक्स्ड डिपॉजिट' पर लागू होते हैं, इन जमाओं को बदलते हैं

बड़ौदा एडवांटेज सावधि जमा खाता नॉन कॉलेबल (अप्रतिदेय) : पात्रता

  • स्वयं के नाम में कोई व्यक्ति
  • एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा संयुक्त रूप में.
  • बैंक द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार 14 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग.
  • क्लब, संगठन, शैक्षणिक संस्‍थान, सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक, निजी बैंक, साझेदारी एवं संयुक्‍त स्‍टॉक कंपनियां और कोई अन्‍य संस्‍थान, जो बैंक के नियमों के अनुसार मीयादी जमा, खाता खोलने के लिए पात्र हैं.
  • यह उत्पाद नाबालिग, जिनकी उम्र 14 वर्ष या उससे कम है, के लिए उपलब्ध नहीं है और इस आयु श्रेणी के नाबालिग के खातों में अधिकतम रु.1,00,000/- की राशि स्‍वीकार की जा सकती है.

बड़ौदा एडवांटेज सावधि जमा खाता नॉन कॉलेबल (अप्रतिदेय) : ब्‍याज दर और प्रभार

बैंक द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णयानुसार ऐसी सावधि जमा पर अधिमान्य कार्ड-दर से ज्यादा ब्याज लागू होगा.


वर्तमान में लागू अधिमानी ब्याज दर निम्नानुसार है :

  • सामान्य प्रतिदेय जमाराशियों से अधिक जमाराशियों पर 05 बेसिस प्वाइंट का अतिरिक्त ब्याज देय होगा.
  • रु. 15.01 लाख से अधिक से रु. 1 करोड़ से कम की अप्रतिदेय जमाराशियों पर अतिरिक्त ब्यााज दर प्रदान किया जाएगा.
  • रु. 1.00 करोड़ रुपये से अधिक की अप्रतिदेय थोक जमाराशियों पर जमाराशियों की परिपक्वता अवधि के अनुसार ट्रेजरी विभाग, बीसीसी द्वारा निर्धारित सामान्या थोक जमाराशियां (प्रतिदेय) के लिए लागू ब्याज दर पर 10 बीपीएस अतिरिक्त ब्याज प्रदान किया जाएगा.

नोट : वरिष्ठ नागरिकों एवं स्टाफ सदस्यों (पूर्व स्टाफ एवं सेवानिवृत्त स्टाफ, जो वरिष्ठ नागरिक हैं, को शामिल करते हुए) को अतिरिक्त ब्याज समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार जारी रहेगा.

बड़ौदा एडवांटेज सावधि जमा खाता नॉन कॉलेबल (अप्रतिदेय) : सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें (एमआईटीसी)

पात्रता

सभी वैयक्तिक और गैर – वैयक्तिक (14 वर्षों से अधिक के नाबालिग)


जमाराशि
  • न्यू्नतम
    1. रु. 15,01,000/- तथा रु. 1000/- के गुणकों में.
  • अधिकतम
    1. कोई सीमा नहीं

जमाराशि की अवधि
  • न्यूनतम - 12 महीने
  • अधिकतम- 120 महीने

ब्याअज दर

कार्ड दर के अलावा बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित की गई ब्याज की अधिमान्य दर इस एफडीआर पर लागू होगी.


ब्याफज का भुगतान

ब्याफज का भुगतान छमाही आधार पर एवं इसकी संगणना तिमाही आधार पर की जाएगी.


परिपक्वतापूर्व समापन

रु. 5 लाख तक की जमाराशि के परिपक्वतापूर्व भुगतान के लिए कोई पेनाल्टी नहीं लगाया जाएगा, बशर्तें कि न्यूनतम 12 माह के लिए जमाराशि बैंक में रखी गई हो.


रु. 5 लाख से अधिक व रु. 1 करोड़ से कम की जमाराशियों का परिपक्वता से पूर्व आहरण करने पर पेनाल्टी लगाने का प्रावधान है ऐसी जमाराशि पर बैंक में रखी जाने वाली अवधि के लिए लागू दर या संविदागत दर, जो भी इस प्रकार के मामलों में कम हो, पर 1% का दंड ब्याज काटने के बाद ब्याज का भुगतान किया जाना चाहिए.


रु. 1 करोड़ व इससे अधिक की जमाराशियों को समयपूर्व बंद करने के लिए निम्नाीनुसार शर्तें लागू होंगी :


ग्राहक से 31 दिनों की पूर्व सूचना आवश्याक है और


जमाराशियों को बैंक में रखी गई अवधि के लिए लागू ब्याशज दर पर @1.50% की दर से दंड लगाया जाएगा.



ऑटो नवीकरण सुविधा

रु. 1 करोड़ से कम मूल्य की जमाएं न्यूिनतम 12 माह की अवधि के लिए प्रतिदेय जमाराशियों में नवीकृत कर दी जाएंगी.


यदि खाता खोलने के समय जमाकर्ता द्वारा रु. 1 करोड़ एवं उससे अधिक की जमाओं की परिपक्वता तारीख को इसे सामान्य आवधि जमा योजना (प्रतिदेय सावधि जमा योजना) के रूप में इस आशय का अनुदेश दिया हो तो इसे स्वतः नवीकृत कर दिया जाएगा.



ऋण/ओवरड्राफ्ट की उपलब्धता

बैंक के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जमा पर ब्याज दर से अधिक लागू ब्याज दर पर बकाया शेष के 85% ऋण/ओवरड्राफ्ट सुविधा की अनुमति होगी. समय समय पर बैंक की मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार ब्याकज प्रभारित किया जाएगा.


अन्यद

सरकारी विभागों द्वारा प्रतिभूति के रूप में स्वीकृत


गैर-निधि आधारित गतिविधियों के लिए मार्जिन के रूप में स्वीकृत े


वरिष्ठ नागरिकों को ब्यािज दर : केवल रु. 1 करोड़ से कम की जमाराशियों के लिए @ 0.50% की दर से अतिरिक्ता ब्या ज देय होगा.


नामांकन सुविधा: नामांकन सुविधा उपलब्धे है.


स्रोत पर कर कटौती : आयकर नियमों के अनुसार टीडीएस की कटौती की जाएगी. यदि कोई व्यरक्ति 15 जी / 15 एच फॉर्म प्रस्तु.त करता है तो कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा.


परिपक्वता पर या इससे पूर्व ब्याभज संगणना की प्रक्रिया: “घरेलू सावधि जमाराशि के सभी मामलों में जहां तिमाही अपूर्ण है वहां वर्ष के 365 / 366 दिनों को ध्या न में रखते हुए वास्तंविक दिनों की संख्या के आधार पर अर्थात ऐसी जमाराशियों पर ब्यामज की संगणना संपूर्ण तिमाहियों और दिनों के अनुसार ब्यााज की संगणना की जाएगी .” प्रत्ये क छमाही में तिमाही आधार पर ब्यारज का भु्गतान किया जाएगा.


टीडीएस प्रमाणपत्र : सभी ग्राहकों को टीडीएस प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा.


अतिदेय जमाराशि : यदि परिपक्वता तारीख के बाद नवीकरण का अनुरोध प्राप्त होता है, तो ऐसी अतिदेय जमाराशि को देय तिथि पर लागू ब्यांज दर से परिपक्वता की तारीख से नवीकृत किया जाएगा, बशर्ते कि ऐसा अनुरोध जमा की परिपक्वता के 14 दिनों के अंदर प्राप्त हो जाए जिसके बाद अतिदेय अवधि के लिए बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा.


जमाराशियों के एवज में अग्रिम: यह सुविधा एकल नाम पर नाबालिग और एचयूएफ खाते के लिए उपलब्ध नहीं है. 2 तिमाहियों से अधिक समय तक ब्याऔज जमा नहीं होने पर सावधि जमा को तत्का ल समानुपातिक रूप से विभाजित किया जाएगा.


ग्राहक के अनुरोध पर ब्याज प्रमाणपत्र उपलब्धर है


जमाराशि प्रमाणपत्र – सावधि जमा रसीद उपलब्ध कराई जाती है


ग्राहक के अनुरोध पर सावधि जमाराशि को एक शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरित किया जा सकता है.


भुगतान का माध्यकम : परिपक्वता लाभ ग्राहक के बचत बैंक / चालू खाते में जमा किए जाते हैं. ग्राहक का परिचालन खाता न होने पर, रु. 20000/- तक के परिपक्व ता लाभों को नकद में और इससे अधिक राशि का मांग ड्राफ्ट / भुगतान आदेश जारी किया जाएगा.


10 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का नाबालिग खाता खोला जा सकता है जिसमें जमा की जाने राशि की अधिकतम सीमा रु. 1,00,000/- होगी.


थोक जमाराशियां (रु. 2 करोड़ से अधिक) Bulk Deposits (More than Rs.2 crore)


रिटेल जमाराशि के अंतर्गत उपर्युक्त योजनाओं में से किसी भी योजना के अंतर्गत थोक जमाराशि खोले जा सकते हैं.


बैंक रु. 25 करोड़ से अधिक की जमाराशियां स्वीकार करने का अधिकार सुरक्षित रखता है.


थोक जमाराशि के लिए ब्याज दर रिटेल जमाराशि के ब्या ज दर से अलग होता जिसे नियमित रूप से बैंक की वेबसाइट पर अद्यतन किया जाता है.


बैंक समयपूर्व भुगतान के लिए अनुरोध स्वीकार करने का अधिकार सुरक्षित रखता है जिस पर खाता खोलने के समय ग्राहक द्वारा सहमति प्रदान की जाती है.समयपूर्व भुगतान संबंधी अनुरोध स्वीनकार करने पर रिटेल जमाराशियों के समान दंड ब्याषज लगाया जाएगा.



ब्याज भुगतान :
  • भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार सावधि जमाराशियों पर ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि अंतराल पर की जाएगी और जमाराशियों की अवधि के आधार पर बैंक द्वारा निर्धारित दर पर भुगतान किया जाएगा. मासिक जमा योजना के मामले में ब्‍याज की गणना चक्रवृद्धि आधार पर तिमाही के लिए की जाएगी और डिस्काउंटिड वैल्यू पर मासिक भुगतान किया जाएगा. सावधि जमाओं बैंक द्वारा पर ब्याज की गणना भारतीय बैंक संघ द्वारा बताए गए सूत्रों और विधि के अनुसार की जाती है.
  • तदनुसार बैंक ने निम्नलिखित पद्धति अपनाई है :

    “घरेलू सावधि जमाराशि (एक वर्ष से अधिक के लिए रखी गई जमा राशि) के ऐसे सभी मामलों में जहां तिमाही अपूर्ण है वहां ब्‍याज की गणना पूर्ण तिमाही और वर्ष के 365 / 366 दिनों को ध्‍यान में रखते हुए वास्‍तविक दिनों की संख्‍या के आधार पर की जानी चाहिए अर्थात् ऐसी जमाराशियों पर ब्‍याज की गणना संपूर्ण तिमाहियों और दिनों के अनुसार की जाएगी.

    1. 2 तिमाही और उससे अधिक की जमाराशियों के लिए ब्याज की गणना पूर्ण तिमाहियों के लिए तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर की जाती है और जहां अंतिम तिमाही अधूरी होती है वहां ब्याज की गणना वर्ष में 365/366 दिनों को ध्यान में रखते हुए दिनों की वास्तविक संख्या के लिए आनुपातिक रूप से की जाती है.
    2. जमा रसीद में उल्लिखित परिपक्वता राशि की गणना टीडीएस पर ध्‍यान दिए बिना की जाती है. छमाही (तिमाही चक्रवृद्धि) के लिए ब्याज की गणना करते समय, पिछली छमाही के लिए गणना किए गए ब्याज (तिमाही चक्रवृद्धि) की राशि में से टीडीएस को घटा कर प्राप्त राशि को चालू छमाही के लिए ब्याज की गणना हेतु मूल राशि में जोड़ा जाएगा.
    3. 2 तिमाहियों से कम लेकिन 1 तिमाही से अधिक की अल्पावधि जमाराशियों के मामले में पूर्ण तिमाही के लिए साधारण ब्याज का भुगतान किया जाएगा और वर्ष में 365-366 दिनों को ध्यान में रखते हुए शेष दिनों के लिए ब्याज (चक्रवृद्धि किए बिना) दिया जाएगा.
    4. एक तिमाही से कम की अल्पावधि जमाराशियों के लिए वर्ष में 365-366 दिनों को ध्यान में रखते हुए दिनों की वास्तविक संख्या के लिए अनुपातिक आधार पर ब्याज की गणना की जाती है.
  • एफसीएनआर जमाराशियों पर ब्याज का भुगतान विभिन्न परिपक्वता अवधियों के लिए समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा निर्धारित पद्धति के अनुसार गणना की गई दरों पर किया जाएगा. एफसीएनआर जमाराशियों पर ब्याज का भुगतान एक वर्ष में 360 दिनों के आधार पर किया जाएगा और प्रत्येक 180 दिनों के अंतराल पर इसकी गणना की जाएगी.
  • दिनांक 1 जुलाई, 1995 से सावधि जमाराशियों पर ब्याज भुगतान से स्रोत पर आयकर की कटौती (आयकर अधिनियम 1961 की धारा 194ए) की जाएगी.
  • ऐसे मामलों में आयकर की कटौती की जाएगी जहां किसी जमाकर्ता के नाम पर बैंक में उसके एकल नाम पर या संयुक्त रूप से (पहले नाम वाले व्यक्ति के रूप में) रखी गई सभी सावधि जमाराशियों पर प्रदत्त या जमा कुल ब्याज आयकर अधिनियम, 1961 के तहत प्रति वित्तीय वर्ष के लिए निर्दिष्ट सीमा से अधिक है. कर की कटौती खाते को क्रेडिट करते समय या जमाकर्ता को ब्याज का भुगतान करते समय, इनमें से जो भी पहले हो, की जाएगी, जो समय-समय पर कर सीमा हेतु पात्र ब्याज सीमाओं में परिवर्तन के अधीन होगी.

    यदि जमाकर्ता प्रति वर्ष अप्रैल माह की समाप्ति से पहले निम्नलिखित फॉर्म जमा करता है, तो कोई कर कटौती नहीं की जाएगी.

    1. वरिष्‍ठ नागरिकों के अलावा गैर-कॉर्पोरेट ग्राहक – पैन के साथ फॉर्म नं.15जी (दिनांक 1 अप्रैल, 2010 से प्रभावी).
    2. वरिष्‍ठ नागरिक अर्थात् 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्‍यक्ति – पैन के साथ फॉर्म नं.15एच (दिनांक 1 अप्रैल, 2010 से प्रभावी). दिनांक 1 अप्रैल, 2010 से आयकर विभाग ने ऐसे सभी मामलों में, जहां टीडीएस लागू है, कटौती करने वालों द्वारा स्थायी खाता संख्या (पैन) उद्धृत करना अनिवार्य कर दिया है, ऐसा न किए जाने पर 20% की उच्च दर (10% की सामान्य दर के आपेक्ष) या सामान्य दर, जो भी अधिक हो, पर टीडीएस की कटौती होगी. इसके अलावा, दिनांक 1 अप्रैल 2010 से फॉर्म संख्या 15जी / 15एच पर पैन का उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया गया है.
    3. बैंक तिमाही आधार पर कटौती की गई कर की राशि के लिए सिस्टम जनरेटेड कर कटौती प्रमाणपत्र (टीडीएस सर्टिफिकेट) जारी करेगा.
  • भारत में आयकर अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत एनआरई एवं एफसीएनआर सावधि जमाराशियों पर अर्जित/ उपचित ब्याज भारत में कर मुक्त है और इसलिए इन जमाराशियों के संबंध में स्रोत पर कोई कर कटौती नहीं की जाएगी. “एनआरओ जमाराशियों के मामले में” जमाकर्ता प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट (डीटीएए), जो भारत ने विभिन्न देशों की सरकारों के साथ किया है, के तहत कर की कम दरों के लाभ हेतु दावा कर सकता है.
  • तथापि, एनआरओ सावधि जमा पर प्रदत्त / देय किसी भी ब्याज पर विनिर्दिष्ट दरों पर स्रोत पर कर कटौती करना बैंक का सांविधिक दायित्व है. यदि दोहरा कराधान बचाव संधि (डबल टैक्स अवॉइडेंस ट्रीटी) के तहत लागू घोषणापत्र के साथ पैन प्रस्‍तुत किया जाता है - ग्राहक के निवास के देश में लागू दर पर टीडीएस की कटौती की जाती है.

    1. यदि घोषणापत्र के बिना पैन प्रस्‍तुत किया जाता है - @30% की दर से टीडीएस की कटौती की जाएगी.
    2. यदि पैन के बिना घोषणापत्र प्रस्‍तुत किया जाता है - सामान्‍य दर या 20% की दर, जो भी अधिक हो, से टीडीएस कीकटौती की जाएगी.
    3. यदि पैन और घोषणापत्र प्रस्‍तुत नहीं किया है - @30% की दर से टीडीएस की कटौती की जाएगी.
  • सभी ब्याज भुगतानों को रुपये में पूर्णांकित किया जाएगा.
  • सावधि जमा खाताधारकों को उनकी जमाराशि रखते समय परिपक्वता की तारीख को जमा खाते को बंद करने या आगे की अवधि के लिए जमा के नवीकरण के संबंध में अनुदेश दिए जा सकते हैं. ऐसे अधिदेश के अभाव में बैंक जमा राशि को निम्नानुसार नवीकृत करेगा.
    1. यदि जमा राशि एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए रखी गई है तो यह नियत तारीख पर प्रचलित दर पर एक वर्ष के लिए स्वतः नवीकृत हो जाएगी.
    2. यदि जमा राशि एक वर्ष से कम अवधि के लिए रखी गई है तो यह नियत तारीख पर प्रचलित दर पर उसी अवधि के लिए स्वतः नवीकृत हो जाएगी.

    यदि ग्राहक अवधि में परिवर्तन करना चाहता है या सावधि जमा को समयपूर्व आहरित करना चाहता है, तो ग्राहक के लिखित अनुरोध पर इसकी अनुमति है. प्रतिदेय (कॉलेबल) योजना के अंतर्गत रखी गई जमाराशियों के मामले में थोक जमाराशि का समयपूर्व आहरण बैंक के विवेकाधिकार पर किया जाता है.

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