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 स्वर्णिम गोल्ड बांड

स्वर्णिम गोल्ड बांड

सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड एक सरकारी प्रतिभूति है जो कि सोने के ग्राम मूल्यवर्ग में उपलब्ध है. यह भौतिक सोना का एक विकल्प है. स्कीम खुलने पर निवेशक इन बॉन्ड्स में निवेश करते हैं और इसे परिपक्वता पर भुनाया जाता है. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा भारत सरकार की ओर से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स योजना का प्रबंधन किया जाता है.

बैंक ऑफ़ बड़ौदा अपने ग्राहकों को देश की सभी शाखाओं के माध्यम से सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड योजना में निवेश करने का अवसर प्रदान करता है.

सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड – 2020-21 श्रृंखला- I, II, III, IV, V & VI

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2021-22 की अनुसूची I-VI जैसा कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा घोषित किया गया है, जो कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व सूचना देते हुए, नीचे दर्शायी अवधि से पहले किसी भी समय योजना को बंद करने की शर्तों के अधीन है

क्र.सं. ट्रेंच अभिदान की तारीख निर्गम तारीख
1. 2021-22 श्रृंखला I मई 17–21, 2021 मई 25, 2021
2. 2021-22 श्रृंखला II मई 24–28, 2021 जून 01, 2021
3. 2021-22 श्रृंखला III मई 31- जून 04, 2021 जून 08, 2021
4. 2021-22 श्रृंखला IV जुलाई 12- 16, 2021 जुलाई 20, 2021
5. 2021-22 श्रृंखला V अगस्त 09-13, 2021 अगस्त 17, 2021
6. 2021-22 श्रृंखला VI अगस्त 30- सितंबर 03, 2021 सितंबर 07, 2021

निवेश के लिए पात्रता:

इस योजना के तहत गोल्ड बॉन्ड्स किसी न्यास, एचयूएफ, चैरिटेबल संस्थान, यूनिवर्सिटी या भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति की या नाबालिग बच्चे के लिए अथवा किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त रूप से लिया जा सकता है.

प्रतिभूति का स्वरूप:

यह गोल्ड बॉन्ड्स फॉर्म 'सी' में विनिर्दिष्ट स्टॉक सर्टिफिकेट के रूप में जारी किए जाएंगे.

यह गोल्ड बॉन्ड्स डीमैट स्वरूप में परिवर्तित किए जाने के लिए पात्र होंगे.

आवेदन

शाखाओं द्वारा अभिदान हेतु निर्धारित सप्ताहों में सामान्य बैंकिंग कार्यावधि के दौरान निवेशकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे.

निर्गम की तारीख

जारी करने की तारीख उपर्युक्त उल्लिखित विवरण के अनुसार होगी.

मूल्यवर्ग

बॉण्ड का मूल्यवर्ग (डिनॉमिनेशन) एक ग्राम सोना और इसके गुणकों में होगा. बॉण्ड में निवेश की न्यूनतम सीमा एक ग्राम होगी तथा अधिकतम अभिदान सीमा प्रति वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च) व्यक्तियों के लिए 4 किलोग्राम, हिन्दू अविभक्त परिवार(एचयूएफ़) के लिए 4 किलोग्राम और न्यास (ट्रस्ट) और इस तरह की संस्थाएं जो भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचना के अनुसार होगी, के लिए 20 किलोग्राम होगी.

ब्याज

बॉण्ड के अंकित मूल्य पर निर्गम जारी करने की तारीख से प्रति वर्ष 2.5 प्रतिशत की दर (स्थायी दर) से ब्याज का भुगतान किया जाएगा. ब्याज छमाही आधार पर दिया जाएगा तथा अंतिम ब्याज परिपक्वता पर मूलधन के साथ देय होगा.

भुगतान

बॉण्ड जारी होने की तारीख से आठ वर्षों के बाद देय होगा. बॉण्ड के परिपक्वता पूर्व भुगतान की अनुमति इसके जारी होने की तारीख से पांचवे वर्ष से होगी तथा ऐसा भुगतान अगले ब्याज भुगतान की तारीख को किया जाएगा.

बॉण्ड का भुगतान मूल्य भारतीय रुपये में निर्धारित किया जाएगा जो भुगतान की तारीख से पिछले सप्ताह में भारतीय बुलियन एवं ज्वेलर्स संघ लिमिटेड द्वारा अंतिम तीन कार्यदिवस हेतु 999 मार्क शुद्ध सोने के लिए जारी बाजार बंद होने के समय के भाव के साधारण औसत मूल्य पर आधारित होगा. आरबीआई/ डिपॉजिटरी द्वारा गोल्ड बॉण्ड की परिपक्वता से एक माह पहले निवेशक को परिपक्वता तारीख की सूचना दी जाएगी.

* सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स के एवज में ऋण ऋणदाता बैंक / संस्था के निर्णय के अधीन होगा और यह स्वर्ण गोल्ड बांड धारक के अधिकार के रूप में नहीं माना जाएगा.

कर उपाय

बॉण्ड से अर्जित ब्याज आयकर अधिनियम, 1961 (43 of 1961). के प्रावधानों के अनुसार करयोग्य होगा. व्यक्तियों को स्वर्ण गोल्ड बांड के भुगतान से अर्जित होने वाले पूंजीगत लाभ पर कर में छूट प्राप्त है. बॉण्ड के हस्तांतरण से किसी को प्राप्त दीर्घावधि पूंजीगत अभिलाभ पर सूचकांक लाभ (इन्डेक्सेशन बेनिफिट) प्रदान दिया जाएगा.

संयुक्त धारिता एवं नामांकन

इसमें विभिन्न संयुक्तधारकों तथा नामितियों की (पहले धारक की) अनुमति है. संयुक्त धारिता के मामले में, -4- किलोग्राम की निवेश सीमा केवल प्रथम आवेदक पर लागू होगी.

नामांकन एवं इसका निरस्तीकरण क्रमश: फॉर्म ‘डी’ एवं ‘ई’ में किया जाना चाहिए.

  • किसी अनिवासी भारतीय को उसके नाम पर किसी मृत निवेशक का नामिति होने पर उसके नाम अंतरित प्रतिभूति मिल सकती है, बशर्तें कि:

अनिवासी निवेशक द्वारा निर्धारित समय से पूर्व भुगतान कराने या इसकी परिपक्वता तक प्रतिभूति को धारण आवश्यक होगा; तथा

  • निवेश की ब्याज और परिपक्वता की प्राप्तियां प्रत्यावर्तनीय नहीं होगी.

हस्तांतरणीयता

स्टॉक सर्टिफिकेट के रूप में जारी बॉन्ड्स फार्म एफ के अनुसार लिखत (इंस्टूमेंट) के निष्पादन द्वारा हस्तांतरणीय होंगे.

ट्रेडिंग योग्यता

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अधिसूचित तारीख से बॉण्ड ट्रेडिंग के लिए पात्र होगा. (यह नोट किया जाए कि डिपॉजिटरी के साथ केवल डीमैट फॉर्म में रखे गए बॉन्ड्स की ही शेयर बाज़ार में खरीद-बिक्री की जा सकती है).

अपने ग्राहक को जानिए (केवायसी) आवश्यकताएं

प्रत्येक आवेदन आयकर विभाग द्वारा निवेशकों (व्यक्तियों और अन्य संस्थाओं) को जारी किए गए 'पैन विवरण' के साथ होना चाहिए. केवाईसी दस्तावेज जैसे मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड / पैन या टैन / पासपोर्ट आवश्यक होगा.

निरस्तीकरण

निर्गम के बंद होने तक अर्थात् सब्स्क्रिप्शन के विशिष्ट सप्ताह के दौरान के शुक्रवार तक आवेदन के निरस्तीकरण की अनुमति होगी. गोल्ड बॉन्ड्स खरीदने के लिए प्रस्तुत आवेदन के आंशिक निरस्तीकरण की अनुमति नहीं होगी.

ग्रहणाधिकार चिन्हित करना:

इन बॉन्ड्स के सरकारी प्रतिभूति होने के कारण, ग्रहणाधिकार अंकन आदि सरकारी प्रतिभूति अधिनियम, 2006 के मौजूदा नियम एवं कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगा.

भारत में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की सभी शाखाएँ स्वर्ण गोल्ड बांड जारी करने के लिए अधिकृत हैं.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से लाभ:

गोल्ड बॉन्ड्स का स्वरूप

बॉन्ड के लिए नामित किए गए सोने को स्टॉक सर्टिफिकेट के रूप में या डीमैट के स्वरूप में रखा जा सकता है. अब भौतिक सोने के लेनदेन के दौरान इसके भंडारण और अन्य असुविधाओं के लिए चिंता की जरूरत नहीं है.

रिडेम्पशन पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं

किसी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर अर्जित ब्याज कर योग्य होने के बावजूद इसके रिडेम्पसन (मोचन) पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर मुक्त होता है. तात्पर्य यह कि बॉन्ड पर प्राप्त सभी लाभ कर मुक्त होंगे.

ऑनलाइन निवेशकों के लिए छूट

भारत सरकार द्वारा ऐसे प्रावधान बनाए गए हैं जिसके अंतर्गत ऑनलाइन निवेशकों को बॉन्ड की कीमत पर रु.50/- की छूट दी जाएगी. ऑनलाइन आवेदन व भुगतान करने वाले निवेशक अपने निवेश मूल्य को कम करने के लिए इस प्रस्ताव का लाभ उठा सकते हैं.

ऋण के लिए संपार्श्विक:

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को ऋण के लिए संपार्श्विक के रूप में रखा जा सकता है. ऋणकर्ता बैंक द्वारा बॉन्ड के ग्रहणाधिकार (लियन) को डिपॉजिटरी में चिह्नित किया जाएगा. SGBs के एवज में ऋण बैंक के निर्णय के अधीन होगा और इसे अधिकार के रूप में नहीं माना जा सकता है.

रिडेम्पसन (मोचन) सोने के प्रचलित मूल्य से संबद्ध:

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड प्रचलित सोने के मूल्य से संबद्ध होता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का भुगतान मूल्य 999 शुद्धता वाले सोने के इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा प्रकाशित सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के पिछले 3 कार्य दिवसों के क्लोजिंग मूल्य के औसत के बराबर होगा.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की विशेषताएं

न्यूनतम और अधिकतम निवेश:

इस बॉन्ड में किया जाने वाला न्यूनतम निवेश 1 ग्राम है. प्रत्येक व्यक्ति या हिन्दू अविभक्त परिवार (HUF) ऐसे बॉन्ड में प्रत्येक वर्ष अधिकतम 4 किलोग्राम तक सोना रख सकता है. ट्रस्टों, धर्मार्थ संस्थानों के लिए, अधिकतम सीमा 20 किलोग्राम है.

निश्चित ब्याज दर:

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर 2.5% वार्षिक की दर से ब्याज अर्जित होता है जिसका भुगतान अर्ध वार्षिक आधार पर किया जाएगा.

कीमतों में पारदर्शिता:

गोल्ड बॉन्ड की कीमतें पारदर्शी होती है क्योंकि वे बाजार में सोने की कीमतों से संबद्ध होती हैं.

निकास विकल्प:

बॉन्ड जारी होने की तारीख के 5 वें वर्ष के बाद निवेशकों के लिए एक निकास विकल्प है. इसकी चुकौती ब्याज भुगतान की अगली तिथि पर की जाएगी.

विभिन्न संयुक्त धारकों और नामितियों की अनुमति है:

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों को कई संयुक्त धारक और नामिति रखने का विकल्प देता है.

स्टॉक एक्सचेंज में व्यापार किए गए बॉन्ड:

डीमैट रूप में धारित बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार के लिए पात्र होंगे.

भुगतान का प्रकार

भारत में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के भुगतान के लिए नकद, मांग ड्राफ्ट, चेक अथवा इंटरनेट बैंकिंग जैसे माध्यम स्वीकार्य है. तथापि, नकदी रु. 20,000/- तक ही स्वीकार की जाएगी.

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