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प्रधानमंत्री आवास योजना 2018 - क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना

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बड़ौदा आवास ऋण

प्रधान मंत्री आवास योजना (पीएमएई)

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) 2022 तक शहरी क्षेत्रों में सभी को आवास प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई केंद्र सरकार की योजना है. पीएमएवाई मिशन सभी पात्र परिवारों और लाभार्थियों को आवास प्रदान करने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्रीय सहायता प्रदान करता है. पीएमएवाई मिशन को बैंकों सहित विभिन्न एजेंसियों में लागू किया गया है. .

बैंक ऑफ बड़ौदा ने ऋण संबद्ध ब्‍याज अनुदान योजना, जिसे सीएलएसएस भी कहा जाता है, के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किफायती आवास का लाभ उपलब्‍ध करवाता है. सीएलएसएस के अंतर्गत, योजना द्वारा परिभाषित विशिष्ट श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए आवास ऋण पर ब्याज अनुदान उपलब्ध है.

पीएमएवाई योजना के अंतर्गत श्रेणियों को वार्षिक आय और घर के आकार के अनुसार वर्गीकृत किया गया है.

  • पीएमएवाई योजना देश भर में बड़ी संख्या में परिवारों को कम कीमत पर आवास खरीदने का अवसर प्रदान करती है. यह ब्याज अनुदान के माध्यम से किया जाता है.
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी परिवार अपने गृह ऋण पर जमा या ब्याज अनुदान प्राप्त करते हैं. ब्याज अनुदान की राशि उस परिवार के आय वर्ग पर आधारित होती है.
  • योजना की विशिष्‍टताओं के अनुसार, केवल पक्का घर से वंचित परिवार ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने हेतु पात्र हैं. पीएमएवाई योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता हेतु ना ही आवेदक का और ना ही उसके परिवार के किसी भी सदस्य का भारत के किसी भी स्‍थान पर पक्का घर नहीं होना चाहिए.
  • इसके अतिरिक्त, पीएमएवाई योजना में लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित पुत्रों और/या अविवाहित पुत्रियों को शामिल किया जा सकता है. पीएमएवाई आवास ऋण के लिए 2011 की जनगणना के अनुसार संपत्ति सांविधिक शहरों में स्थित होनी चाहिए.
  • योजना से प्राप्त धनराशि का उपयोग लाभार्थी परिवारों द्वारा नया घर खरीदने के लिए या मौजूदा कच्‍चे या अर्ध-पक्के घर को बनाने के लिए किया जाना चाहिए.
  • ईडब्‍ल्‍यूएस/एलआईजी/एमआईजी के लिए ब्याज सहायता अनुदान हेतु निम्नलिखित घटकों पर आधारित होगा:
    • ईडब्ल्यूएस : रु. 3 लाख तक की वार्षिक घरेलू आय और 30 वर्ग मीटर तक के आकार का घर.
    • एलआईजी : रु. 3 से 6 लाख तक वार्षिक घरेलू आय और60 वर्ग मीटर तक के आकार का घर.
    • एमआईजी I – ऐसे परिवारों को परिभाषित किया गया है जिनकी वार्षिक आय र. 6,00,001/- (रु. छः लाख एक) से रु. 12,00,000/- तक (रु. बारह लाख) के बीच होती है.
    • एमआईजी II – ऐसे परिवारों को परिभाषित किया गया है जिनकी वार्षिक आय रु. 12,00,001/- (रु. बारह लाख एक) से रु. 18,00,000/- तक (रु. अठारह लाख) के बीच होती है इस योजना के अंतर्गत घर का कार्पेट क्षेत्र एमआईजी-I लाभार्थियों के लिए 160 वर्ग मीटर तक और एमआईजी-II लाभार्थियों के लिए 200 वर्ग मीटर तक होना चाहिए

The carpet area of house under this Scheme should be up to 160 sq. mts. for MIG-I beneficiaries and up to 200 sq. mts. for MIG-II beneficiaries.

ब्याज अनुदान एमआईजी I और एमआईजी II उधारकर्ताओं/लाभार्थियों के लिए ऋण के मूल धन पर क्रमशः 4.0 (चार) प्रतिशत और 3.0 (तीन) प्रतिशत की दर से होगा और इस अनुदान के अंतर्गत जैसा भी मामला हो, एमआईजी I के लिए रु 9.00 (नौ) लाख और एमआईजी II के लिए रु. 12.00 (बारह) लाख अधिकतम ऋण राशि, कुल ऋण अवधि पर ध्‍यान दिए बिना, 20 (बीस) वर्ष या ऋण की पूरी अवधि के लिए, जो भी कम हो ब्‍याज अनुदान हेतु स्वीकार्य होगी.

इन दोनों योजनाओं में अग्रिम रुप से ब्‍याज अनुदान देय है.

  • ईएलएस/एलआईजी के लिए पीएमएवाई सीएलएसएस हेतु परिचालन दिशानिर्देशों को प्राप्त करने के लिए यहां क्लिक करें
  • एमआईजी के लिए पीएमएवाई सीएलएसएस हेतु परिचालन दिशानिर्देशों को प्राप्त करने के लिए यहां क्लिक करें

लक्ष्य समूह

  • निवासी भारतीय
  • भारतीय पासपोर्टधारक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) या विदेशी पासपोर्ट धारक भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) अथवा प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई)
  • स्टाफ सदस्य (आम योजना के अंतर्गत लाभ उठाने वाले)

ऋणकर्ता/ओं की पात्रता

  • व्यक्ति, एकल या संयुक्त रूप से.
  • हिंदू अविभक्‍त परिवार (एचयूएफ) पात्र नहीं हैं.

निवासी भारतीय

आवेदक/सह-आवेदक/कों को (जिनकी आय को पात्रता हेतु विचाराधीन लेना है) न्‍यूनतम - 1 वर्ष (वेतनभोगीयों के लिए) और/या - 2 वर्ष (गैर-वेतनभोगी के लिए) के लिए नौकरी/व्यवसाय/पेशे में होना चाहिए.

(सेवा में खंड, यदि कोई हो, तो अधिकतम 3 महीने तक की अनुमति दी जा सकती है.)

एनआरआई / पीआईओ / ओसीआई

क) आवेदक/सह-आवेदक/कों (जिनकी आय को पात्रता हेतु विचाराधीन लेना है) को प्रतिष्ठित भारतीय/विदेशी कंपनी, संस्‍था या सरकारी विभाग में नियमित रूप से नौकरी कर रहे हैं और न्यूनतम विगत 2 वर्षों के लिए वैध नौकरी करार/कार्य अनुज्ञापत्र प्राप्‍त हो. या नियोजित/स्व-नियोजित होना चाहिए या व्यावसायिक इकाई होनी चाहिए और न्‍यूनतम 2 वर्षों तक विदेश में आवास होना चाहिए.

ख) आवेदक/सह-आवेदक/कों की (जिनकी आय को पात्रता हेतु विचाराधीन लेना है) न्यूनतम सकल वार्षिक आय रु. 5.00 लाख प्रति वर्ष के समतुल्‍य होनी चाहिए. यदि आवेदक/सह आवेदक/कों, जिनकी आय को पात्रता हेतु विचाराधीन लेना है, में एनआरआई शामिल हैं, तो रु. 5.00 के न्यूनतम सकल वार्षिक आय (आवेदक/सह-आवेदक दोनों की वार्षिक आय) को इस मानदंड के लिए विचाराधीन लिया जा सकता है.

भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) को निम्‍नानुसार विनिर्दिष्ट किया गया है

बांग्लादेश/पाकिस्तान/श्रीलंका/अफगानिस्तान/चीन/ईरान/नेपाल और भूटान के अलावा अन्य किसी भी देश का नागरिक यदि -

  • उनके पास किसी भी समय भारतीय पासपोर्ट था या
  • वह या उनके माता-पिता या उनके दादा-दादी में से कोई भी नागरिकता अधिनियम 1955, भारतीय संविधान के आधार पर भारत के नागरिक थे, या
  • वह व्यक्ति भारतीय नागरिक का पति/पत्‍नी है या उपर्युक्‍त उप-खंड (ए) या (बी) में विनिर्दिष्ट व्यक्ति है.

विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) को निम्‍नानुसार विनिर्दिष्ट किया गया है

  • नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7 ए के अंतर्गत विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) के रूप में पंजीकृत व्यक्ति.
  • दिशानिर्देशों के अनुसार, विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) को भारतीय मूल का व्यक्ति (पीआईओ) होना अनिवार्य है.
  • विदेशी नागरिक, जो 26.01.1950 को भारत का नागरिक बनने के योग्य था या 26.01.1950 को या उसके बाद किसी भी समय भारत का नागरिक था या 15.08.1947 के बाद भारत का भाग बने किसी क्षेत्र का नागरिक था और उसके/उनके बच्चे और पोता-पोती, बशर्ते उसकी उनकी नागरिकता का देश स्थानीय कानूनों के अंतर्गत किसी रूप में दोहरी नागरिकता की अनुमति प्रदान करता है, विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) के रूप में पंजीकरण के लिए पात्र हैं. ऐसे व्यक्ति के छोटे बच्चे भी ओसीआई के लिए पात्र हैं. तथापि, यदि आवेदक कभी पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक रहा हो, तो वह ओसीआई के लिए पात्र नहीं होगा.

सह-आवेदक

उच्च पात्रता के लिए आवेदक के करीबी रिश्तेदारों को सह-आवेदक के रूप में जोड़ा जा सकता है.

यदि आवेदक सह-आवेदक के रूप में किसी ऐसे व्यक्ति को जोड़ना चाहता है जो करीबी रिश्तेदार नहीं है, तो उसे केवल तभी माना जा सकता है जब वह संपत्ति का संयुक्त स्‍वामी हो.

करीबी रिश्तेदारों की सूची

पति/प‍त्‍नी, पिता, माता (सौतेली मां सहित), पुत्र (सौतेले पुत्र सहित), पुत्र वधु, पुत्री (सौतेली पुत्री सहित), बेटी का पति, भाई / बहन (सौतेले भाई/बहन सहित), भाई की पत्नी, पति/पत्‍नी की बहन (सौतेली बहन सहित), बहन का पति, पति/पत्‍नी का भाई (सौतेले भाई सहित).

सीमा: अधिकतम सीमा

मुंबई : रु. 10 करोड़

अन्य मेट्रों * : रु. 5 करोड़

शहरी क्षेत्र : रु. 3 करोड़

अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण : रु. 1 करोड़

आवेदक / सह-आवेदक (ओं) के आय मानदंड और चुकौती क्षमता और एलटीवी/मार्जिन मानदंडों के अधीन

चुकौती की अवधि

  • 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि सहित ऋण की अधिकतम अवधि प्रारंभ में 30 वर्ष की होगी.
  • अधिकतम अधिस्थगन अवधि 36 माह की निम्‍नानुसार होगी
  • निर्माणाधीन आवास और 7 वीं मंजिल तक के भवन निर्माण के लिए 18 माह की अधिस्थगन अवधि और उसके बाद 6 माह प्रति मंजिल अतिरिक्‍त अधिस्‍थगन अवधि अधिकतम 36 माह की अधिस्थगन अवधि के अधीन.

चुकौती क्षमता

प्रस्तावित ईएमआई सहित कुल कटौतियां निम्‍नानुसार से अधिक नहीं होनी चाहिए

  • रु.20,000/- से कम जीएमआई - 50%
  • रु.20,000/- से अधिक लेकिन रु. 50,000/- से कम जीएमआई - 60%
  • रु.50,000/- से अधिक लेकिन रु. 2.00 लाख से कम जीएमआई - 65%
  • रु. 2.00 लाख से अधिक लेकिन रु. 5.00 लाख से कम जीएमआई - 70%
  • रु. .5 लाख और उससे अधिक जीएमआई - 75%

अन्य

रु. 6 लाख तक औसत सकल वार्षिक आय (विगत 2 वर्षों के लिए) : 70%

रु. 6 लाख से अधिक औसत सकल वार्षिक आय (विगत 2 वर्षों के लिए) : 80%

ऋण राशि मार्जिन एलटीवी अनुपात
रु. 30/- लाख तक का ऋण 10% 90%
रु. 30/- लाख से अधिक से रु. 75/- लाख तक का ऋण 20% 80%
रु. 75/- लाख से अधिक का ऋण 25% 75%

आयु

न्यूनतम: उधारकर्ता – 21 वर्ष, सह आवेदक – 18 वर्ष अधिकतम: अधिकतम 70 वर्ष तक की आयु पर विचार किया जाए.*

प्रतिभूति

  • निर्माण की गई/ खरीदी गई परिसंपत्ति का बंधक
  • यदि बंधक संभव नहीं है, तो बैंक अपने विवेकधिकार के अनुसार बीमा पॉलिसी, सरकारी वचनपत्र, शेयर और डिबेंचर, स्‍वर्ण आभूषण आदि के रूप में प्रतिभूति स्वीकार कर सकता है.

चुकौती

  • प्रारंभिक रूप से 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि के साथ 30 वर्षों की अधिकतम ऋण अवधि.
  • अधिकतम अधिस्थगन अवधि 36 माह की निम्‍नानुसार होगी
  • निर्माणाधीन आवास और 7 वीं मंजिल तक के भवन निर्माण के लिए 18 माह की अधिस्थगन अवधि और उसके बाद 6 माह प्रति मंजिल अतिरिक्‍त अधिस्‍थगन अवधि अधिकतम 36 माह की अधिस्थगन अवधि के अधीन.
  • ऋण की चुकौती समान मासिक किस्तों (ईएमआई) में की जानी है
  • किसानों/कृषकों के मामले में, उत्पादित प्रमुख फसल की कटाई/विपणन के साथ अर्ध वार्षिक किस्‍तों में चुकौती की अनुमति दी जा सकती है.
  • अधिस्थगन अवधि के लिए ब्याज की वसूली, अधिस्थगन अवधि के दौरान लगाए गए ब्याज को नामे कर के वसूल किया जाएगा.

समय – पूर्व समाप्ति प्रभार

शून्य

ब्याज दर

स्थिर दर विकल्प : दिनांक 01.07.2010 से स्‍थगित किया गया है.

अस्थायी(फ्लोटिंग) दर: हम गृह सुधार ऋण अस्थायी(फ्लोटिंग) ब्याज दर पर प्रदान करते हैं. ब्याज दर बैंक के बड़ौदा रेपो लिंक्ड लेंडिंग दर (बीआरएलएलआर) से संबंद्ध है और इसे मासिक आधार पर पुनर्निर्धारण (रीसेट) किया जाता है. आवेदक / सह-आवेदकों के सिबिल ब्यूरो स्कोर * के संदर्भ में ब्याज दर का निर्धारण किया जाएगा (न्यूनतम बीआरएलएलआर से अधिकतम बीआरएलएलआर +1%)

मौजूदा ब्‍याज दर जानने के लिए यहां क्लिक करें

एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभार

एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभार में शामिल हैं

  • प्रोसेसिंग प्रभार
  • दस्‍तावेजीकरण प्रभार
  • दस्तावेज़ सत्यापन/पुनरीक्षण प्रभार
  • स्‍वीकृति – पूर्व निरीक्षण (कॉन्‍टेक्‍ट प्‍वाइंट सत्यापन-सीपीवी) प्रभार
  • एकबारगी स्‍वीकृति पश्‍चात निरीक्षण प्रभार
  • कानूनी राय के लिए अधिवक्ता प्रभार
  • मूल्‍यांकन के लिए मूल्‍यांकनकर्ता प्रभार
  • ब्यूरो रिपोर्ट प्रभार
  • सरसाई प्रभार
  • आईटीआर सत्यापन प्रभार

प्रोसेसिंग प्रभार जानने के लिए यहां क्लिक करें

समूह ऋण जीवन बीमा कवर

बैंक ऑफ़ बड़ौदा की अपने गृह ऋण उधारकर्ताओं को जीवन बीमा कवर प्रदान करने के लिए मेसर्स इंडिया फ़र्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ टाई-अप व्यवस्था है.

जीवन बीमा की यह योजना वैकल्पिक है और उधारकर्ता को इसके खर्च का वहन करना होगा. स्वीकृति के समय बैंक द्वारा इसका वित्तपोषण किया जा सकता है तथा इसकी ऋण की किस्त के साथ चुकौती ली जा सकती है.

मैसर्स इंडिया फर्स्‍ट इंश्‍योरेस कंपनी द्वारा ऑफर की गई समूह ऋण जीवन बीमा पॉलिसी की प्रमुख विशेषताएं निम्‍नानुसार हैं

  • यह गृह ऋण उधारकर्ताओं के लाभ के लिए वैकल्पिक योजना है और शाखाओं द्वारा उधारकर्ता को उनकी पसंद के अनुसार इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस या अन्‍य बीमा प्रदाता के बीच चुनने का विकल्प दिया जाएगा.
  • यह समूह बीमा योजना है, जो उधारकर्ता की मृत्यु जैसे आकस्मिक परिणामों से सुरक्षा प्रदान करती है.
  • उधारकर्ता की मृत्यु के मामले में, उधारकर्ता के परिवार को दावा राशि की सीमा तक ऋण चुकौती करने की आवश्यकता नहीं होती है.
  • कवर शेड्यूल के अनुसार देय शेष कवर राशि का भुगतान बीमा प्रदाता द्वारा किया जाएगा.
  • उधारकर्ता की मृत्यु के कारण खाते को एनपीए श्रेणी में स्‍लीपेज से बचाया जा सकता है.
  • एकमुश्त प्रीमियम के भुगतान पर जीवन बीमा उपलब्ध है और प्रीमियम की राशि उधारकर्ता की आयु, ऋण राशि, ब्याज दर और ऋण की अवधि पर आधारित है.
  • उधारकर्ता के अनुरोध करने पर कवर प्राप्त करने के लिए प्रीमियम राशि को ऋण के भाग के रूप में वित्तपोषित किया जा सकता है और तदनुसार ईएमआई की गणना की जाएगी. लेकिन गृह ऋण में एलटीवी अनुपात के संबंध में दिए गए दिशानिर्देशों का सख्‍ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
  • प्रीमियम राशि ऋण का भाग हो सकती है जो कि उधारकर्ता की कुल पात्रता मंजूरी के समय बैंक द्वारा वित्तपोषित की जा सकती है और जो ऋण के ईएमआई में वसूली योग्य होगी.
  • ऋण के समय-पूर्व समाप्ति के मामले में, भुगतान किए गए प्रीमियम का कुछ भाग बीमाप्रदाता द्वारा वापस लौटाया जाएगा.

गृह ऋण के लिए आवश्यक मूल दस्तावेज

गृह ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेज जानने के लिए यहां क्लिक करें PDF file that opens in new window. To know how to open PDF file refer Help section located at bottom of the site. (82 KB)

प्रधानमंत्री आवास योजना लाभार्थियों की विभिन्न श्रेणियों और संबंधित ब्याज अनुदान को विनिर्दिष्ट करती है जिसके लिए वे पात्र हैं.

ईडब्ल्यूएस : रु. 3 लाख तक की वार्षिक घरेलू आय और 30 वर्ग मीटर तक के आकार का घर.

एलआईजी : रु. 3 से 6 लाख तक वार्षिक घरेलू आय और 60 वर्ग मीटर तक के आकार का घर.

पीएमएवाई योजना के ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणियों में आने वाले लाभार्थी 6.5% के ब्याज अनुदान के लिए पात्र हैं. रु. 6 लाख तक ऋण राशि पर ब्‍याज अनुदान प्रदान किया जाता है.

पीएमएवाई योजना के अंतर्गत, मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) भी है.

  • एमआईजी I – ऐसे परिवारों जिनकी वार्षिक आय र. 6,00,001/- (रु. छः लाख एक) से रु. 12,00,000/- तक (रु. बारह लाख) के बीच होती है.
  • एमआईजी II – ऐसे परिवारों जिनकी वार्षिक आय रु. 12,00,001/- (रु. बारह लाख एक) से रु. 18,00,000/- तक (रु. अठारह लाख) के बीच होती है
  • ब्याज अनुदान एमआईजी I और एमआईजी II उधारकर्ताओं/लाभार्थियों के लिए ऋण के मूल धन पर क्रमशः 4.0 (चार) प्रतिशत और 3.0 (तीन) प्रतिशत की दर पर होगा. एमआईजी I के लिए रु 9.00 (नौ) लाख और एमआईजी II के लिए रु. 12.00 (बारह) लाख अधिकतम ऋण राशि, 20 (बीस) वर्ष या ऋण की पूरी अवधि के लिए, जो भी कम हो पीएमएवाई लाभ की अनुमति है.

क्‍या मैं बैंक ऑफ बड़ौदा से गृह ऋण ले सकता/सकती हूं?

  • जी हां, यदि अपने मौजूदा घर / फ्लैट के विस्तार की योजना बना रहे है, तो आप बैंक ऑफ़ बड़ौदा से गृह ऋण का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते कि आप
  • न्यूनतम 21 वर्ष के हैं
  • नियमित आय सहित नियोजित या स्वनियोजित हैं

सह आवेदक कौन हो सकता है ?

  • बिक्री के लिए किए गए करार के अनुसार आवासीय गृह के स्वामी, जिसके लिए वित्तीय सहायता मांगी जा रही है, सह-आवेदक होंगे. सामान्यत: पति-पत्नी, पिता-पुत्र या माता-पुत्र आदि संयुक्त आवेदक होते हैं.

बैंक ऑफ़ बड़ौदा कितना ऋण देता है ?

  • ऋण राशि का निर्धारण आवेदक/कों की चुकौती क्षमता के आधार पर किया जाता है. चुकौती क्षमता, आयु, आय, आश्रितों की संख्या, आस्तियां, देयताएं, पेशे का स्‍थायित्‍व और आय की निरंतरता, बचत आदि के आधार पर विचार करते हुए नियत की जाती है.
  • किसी भी वैयक्तिक आवेदक को, क्षेत्र के आधार पर, जहां प्रस्तावित परिसंपत्ति बनाई/ खरीदी जा रही है, प्रति इकाई रु. 10.00 करोड़ अधिकतम ऋण प्राप्‍त होगा. इस योजना के अंतर्गत परिसंपत्ति की लागत के 90% तक (नए गृह/ फ्लैट हेतु) ऋण प्रदान कर सकते हैं.

मुझे अधिकतम कितनी अवधि के लिए ऋण मिलेगा ?

  • हम अधिकतम 30 वर्षों तक की अवधि के लिए ऋण प्रदान करते हैं. ऋण की अवधि किसी भी परिस्थिति में सेवानिवृत्ति की आयु या 65 वर्ष, जो भी पहले हो, से अधिक नहीं होगी.

लेकिन क्या मैं निर्धारित समय से पहले ऋण की पूर्व-चुकौती कर सकता/सकती हूं ?

  • जी हां, आपके पास स्वयं के स्रोतों से या तो कुछ भाग या पूरी राशि निर्धारित समय से पहले ऋण की पूर्व-चुकौती करने का विकल्प है.

चुकौती का माध्यम क्या है ?

  • समान मासिक किस्त (ईएमआई) : इसका तात्‍पर्य है एकसमान एकमुश्त राशि, जिसमें मूल धन राशि का एक भाग और ब्याज का भुगतान शामिल है. ब्‍याज की गणना दैनिक उत्पाद आधार पर की जाती है. या
  • ग्राहक के अनुरोध पर क्रमबद्ध आधार पर मासिक/ तिमाही किस्त नियत करने की अनुमति है.

ऋण के लिए प्रतिभूति क्या होगी ?

  • वित्तपोषण की जाने वाली परिसंपत्ति पर साम्यिक बंधक, ऋण के लिए प्रतिभूति होगी.

क्या आप अतिरिक्त संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में एलआईसी पॉलिसी पर बल देते हैं ?

  • जी नहीं, यह अनिवार्य नहीं है.

ऋण के लिए आवेदन करते समय आवश्यक सहायक दस्तावेज़ कौन से हैं?

सभी आवेदकों के लिए सामान्य आवश्यकताएं

  • विधिवत भरा हुआ आवेदन फार्म (सभी आवेदकों के फोटोग्राफ सहित)
  • आवास और आयु सत्यापन, जिसे पैन कार्ड, मतदाता कार्ड, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेंस और राशन कार्ड आदि से प्रमाणित किया जा सकता है.
  • स्थानीय नगर प्राधिकरण से अनुमोदित प्लान और स्वीकृति पत्र की प्रति.
  • एनए अनुमति की प्रति.
  • एक / दो गारंटीकर्ता / ओं के फॉर्म और वेतन प्रमाण पत्र - यदि गारंटीकर्ता का व्यवसाय है, तो विगत तीन वर्षों के लिए आयकर रिटर्न या निर्धारण आदेश की प्रतियां आवश्यक हैं.
  • विगत दो वर्षों की बैंक पासबुक विवरणी
  • नियोजित आवेदकों के मामले में सभी कटौतियों को दर्शाते हुए नवीनतम वेतन पर्ची / विवरणी.
  • स्वनियोजित आवेदकों के मामले में विगत तीन वर्षों के लिए तुलन पत्र तथा लाभ और हानि खातें, आयकर पावतियां, अग्रिम कर चालान (कंपनी / फर्म और व्यक्तिगत खाते दोनों के लिए) की प्रमाणित प्रतियां
  • कंपनियों के संस्‍था के अंतर्नियम / ज्ञापन, फर्मों के लिए भागीदारी करार और स्वनियोजित आवेदकों के मामले में अपनी कंपनी / फर्म की संक्षिप्त जानकारी
  • आवास और आयु सत्यापन, जिसे पैन कार्ड, मतदाता कार्ड, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेंस और राशन कार्ड आदि से प्रमाणित किया जा सकता है.

अतिरिक्‍त आवश्‍यकताएं

बिल्डर से खरीद के मामले में

  • बिक्री के लिए किए गए करार की प्रति.
  • पंजीकरण रसीद की प्रति
  • सक्षम प्राधिकारियों से स्वीकृत योजना और अनुमोदन पत्र की प्रति
  • एन एअनुमति / यूएलसी आदेश की प्रति
  • पहले से किए गए भुगतान के रसीदों की प्रतिया
  • हमारे प्रारूप में बिल्डरों से अनापत्ति प्रमाणपत्र

सहकारी हाउसिंग सोसायटी में सीधे आबंटन के मामले में

  • आबंटन पत्र
  • शेयर प्रमाण पत्र सोसायटी पंजीकरण प्रमाण पत्र.
  • सोसायटी के पक्ष में बिक्री / पट्टा विलेख की प्रति
  • हमारे प्रारूप में सोसायटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र
  • कब्ज़ा पत्र की मूल प्रति

पुर्नखरीद के मामले में

  • पिछले सभी बिक्री करारों की विधिवत मुहर लगी हुई और पंजीकृत प्रतिलिपि तथा पंजीकरण रसीद ( संवितरण से पहले मूल प्रति प्रदान की जाए)
  • हमारे प्रारूप में सोसायटी / बिल्डर से अनापत्ति प्रमाणपत्र
  • मूल शेयर प्रमाणपत्र

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