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डिजिटल पोर्टेबल शाखा

ग्रामीण भारत में डिजिटल बैंकिंग
को संभव बनाता हुआ.

डिजिटल पोर्टेबल शाखाओं के साथ

डिजिटल पोर्टेबल शाखा

बैंक ने तकनीकी सेवी लोगों के साथ-साथ पारंपरिक ग्रामीण उपभोक्ताओं तक पहुंचने के उद्देश्य से बैंकिंग आउटलेट को परिचालित करने हेतु सरल और आसान 24X7, स्वयं सेवा के माध्यम से डिजिटल पोर्टेबल शाखा का कार्यान्वयन शुरू किया है.

यह फूटप्रिंट को अनुकूलित करने, स्वामित्व की लागत और बेहतर प्रक्रियाओं को कार्यान्वित करने के लिए भी बनाई गई है.

डिजिटल पोर्टेबल शाखा “ब्रिक और मोर्टार” शाखा के कार्यान्वयन के समक्ष आने वाली निम्नलिखित समस्याओं के लिए एक समाधान है

  • परिचालन को शुरू करने के लिए लंबे समय की आवश्यकता
  • गैर मानक डिजाइन और ग्राहक अनुभव
  • कार्यान्वयन और रख-रखाव के लिए उच्च लागत

इन समस्याओं के समाधान और ग्राहकों को बाधा रहित और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु, बैंक ने शाखाओं का एक नवोन्मेषी पोर्टेबल प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल प्रस्तुत किया है.

डिजिटल पोर्टेबल शाखा ग्राहकों को बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के चौबीस घंटे सामान्य रिटेल बैंकिंग सेवाएं जैसे खाता खोलना, नकदी आहरण, पासबुक अद्यतन, शेष राशि पूछताछ, निधि अंतरण, बिल भुगतान इत्यादि उपलब्ध कराने के लिए निम्नलिखित स्वयं सेवा मशीनों के साथ सुसज्जित एक प्री-फैब्रिकेटेड शाखा है.

  • एकाउन्ट ऑपनिंग कियॉस्क (एओके)
  • कैश डिस्पेंसर (एटीएम)
  • सेल्फ सर्विस पासबुक प्रिंटर (एसएसपीबीपी)

ग्राहकों को लाभ

  • 24X7 सेवाएं उपलब्ध
  • स्वयं सेवा – कोई बी मैनुअल बाधा नहीं
  • सेल्फ सर्विस मशीनों के माध्यम से तत्काल सेवा

डिजिटल पोर्टेबल शाखाओं के लिए जांचसूची

मशीनों के लिए स्थान की जरूरत – लगभग 120 से 150 वर्ग फीट

पॉवर की जरूरत – इस शाखाओं में पॉवर प्वाइंट उपलब्ध हैं. क्षेत्र द्वारा 7.5 केवीए यूपीएस और जेनरेटर के माध्यम से पावर बैकअप के साथ तीन चरण के पावर कनेक्शन प्रदान करना आवश्यक है. मशीन को बिजली की आपूर्ति यूपीएस के माध्यम की जाएगी.

ए/सी इकाई– पोर्टेबल केबिन के साथ प्री-फिटेड ए/सी इकाई उपलब्ध कराई जाएगी.

नेटवर्क प्वाइंट आवश्यकता- इन शाखाओं में लैन - (LAN) प्वाइंट उपलब्ध हैं. क्षेत्र को लीज लाइन कनेक्टिविटी के लिए आवेदन करना होगा और स्विच और राउटर जैसे नेटवर्क उपकरणों की व्यवस्था करना आवश्यक है।

मशीन की आवश्यकता - कम हिट्स वाले एटीएम/एसएसपीबीपी की सूची क्षेत्रों/अंचलों को उपलब्ध कराई गई है. क्षेत्रों को कम हिट्स वाले एटीएम/एसएसपीबीपी को “डिजिटल पोर्टेबल शाखाओं” में बदलने की आवश्यकता है. हमारा विभाग इन शाखाओं के लिए एकाउंट ओपनिंग कियॉस्क उपलब्ध कराएगा.

हाल ही में हमारे माननीय प्रधान मंत्री द्वारा “डिजिटल इंडिया” के आह्वान से प्रेरित होकर हमारे बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने “डिजिटल पोर्टेबल शाखा” की स्थापना जैसा एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है- जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के दूरदराज इलाकों के आखिरी लोगों तक पहुंचना, उन्हें शिक्षित करना और डिजिटल सेवी बनाना तथा राष्ट्र की आर्थिक विकास प्रक्रिया में उन्हें सहभागिता करने के लिए प्रेरित करना है.

यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक अलग प्रकार की पहली “डिजिटल पोर्टेबल शाखा” है. डिजिटल पोर्टेबल शाखा सेल्फ सर्विस मशीन जैसे एकाउंट ओपनिंग कियॉस्क, कैश डिस्पेंश, पासबुक प्रिंटर इत्यादि के साथ प्री-फैब्रिकेटेड शाखा है जो ग्राहकों को बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के चौबीस घंटे सामान्य रिटेल बैंकिंग सेवाएं जैसे खाता खोलना, नकदी आहरण, पासबुक अद्यतन करना, शेष राशि पूछताछ इत्यादि उपलब्ध कराती है. यह शाखाएं एक संपूर्ण शाखा के रूप में कार्य कर सकती हैं.

डिजिटल पोर्टेबल शाखा बैंकिंग क्षेत्र के समक्ष “ब्रिक और मोर्टार” शाखा के कार्यान्वयन की समस्यायों जैसे कार्यान्वयन के लिए दीर्घ समय, विशिष्टता की कमी आदि का समाधान है. डिजिटल पोर्टेबल शाखा का शुभारंभ बैंक और ग्राहक के लिए एक विन-विन प्रस्ताव है, इसमें दोनों ही लाभान्वित होते हैं क्योंकि सेवा वितरण स्वयं सेवा मॉडल पर है और इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए ग्राहक की कोई प्रतीक्षा अवधि नहीं है.

  • ग्राहकों को डिजिटल तकनीक द्वारा सेल्फ सर्विस मशीनों के माध्यम से बाधा रहित और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने शाखाओं के एक नवोन्मेषी पोर्टेबल प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल का शुभारंभ किया है और इसे “डिजिटल पोर्टेबल शाखा” के ब्रांड के रूप में स्थापित किया है.
  • ये शाखाएं डिजिटल सेल्फ सर्विस चैनलों जैसे एकाउंट ओपनिंग कियॉस्क, कार्ड डिस्पेंसर, कैस डिस्पेंसर, पासबुक प्रिंटर आदि से सुसज्जित है जो ग्राहकों को चौबीस घंटे खाता खोलने से पासबुक अद्यतन करने तक की मूलभूत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराती हैं.
  • सेल्फ सर्विस डिजिटल चैनल के प्रयोग ने मौजूदा 5-6 स्टाफ सदस्यों की आवश्यकता को कम कर 2-3 स्टाफ सदस्य कर दिया है. ये शाखाएं बीसी केंद्रों के रूप में भी कार्य कर रही हैं.
  • ये डिजिटल पोर्टेबल शाखाएं एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से कार्य कर सकती हैं और भारत के किसी भी भाग में केवल 7 दिनों में क्रियान्वित की जा सकती हैं.

बैंक ने वित्त मंत्रालय को शाखा का डेमो दिया है. उन्होंने बैंक द्वारा शुरू की गई इस डिजिटल पहल एवं कार्यान्वयन के प्रयासों की प्रशंसा की है.

बैंक ने श्री विनोद राय की अध्यक्षता वाली बीबीबी टीम के सदस्यों के सामने भी कियोस्क का प्रदर्शन किया है. उन्होंने बैंक द्वारा की शुरू की गई डिजिटल पहल और उसके कार्यान्वयन के प्रयासों की सराहना की है.

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