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बडौदा गृह ऋण

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बड़ौदा आवास ऋण

बडौदा गृह ऋण

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यदि आप अपना खुद का घर खरीदने का सपना देख रहे हैं तो बैंक ऑफ बड़ौदा से गृह ऋण का विकल्प चुनें. हमारा गृह ऋण इच्छुक गृह स्वामियों के लिए कई विशिष्ट सुविधाओं एवं लाभों से युक्‍त है.

हमारे गृह ऋण का उपयोग विभिन्न प्रयोजनों से किया जा सकता है. उदाहरण के लिए आप गृह ऋण से प्लॉट / फ्लैट खरीद सकते हैं, अपना घर बनवा सकते हैं या अपने मौजूदा घर का विस्तार भी कर सकते हैं.

हमारे गृह ऋण के लिए निवासी एवं अनिवासी भारतीय दोनों पात्र हैं.

हमारे गृह ऋण निम्नलिखित लाभ के साथ आपके लिए प्रस्तुत हैं :

  • कम ब्याज दर एवं प्रक्रिया शुल्‍क : आपके सपनों के घर को प्राप्त करना आसान बनाने के लिए हम श्रेष्ठ गृह ऋण ब्याज दर ऑफ़र करते हैं. इसके साथ ही, आपके गृह ऋण पर प्रोसेसिंग प्रभार भी न्यूनतम है और समय-पूर्व खाता बंद करने के लिए कोई प्रभार भी नहीं है.
  • उच्च ऋण राशि: आप सह-आवेदक के रूप में परिवार के किसी सदस्य को जोड़कर अपनी पात्रता को बढ़ा सकते हैं. इससे आप ज्‍यादा गृह ऋण प्राप्त कर सकते हैं.
  • नि: शुल्क क्रेडिट कार्ड और बीमा:- हमारे गृह ऋण के साथ आप नि: शुल्क क्रेडिट कार्ड और वाहन ऋण के लिए ब्याज दर में 0.25% की छूट का लाभ उठा सकते हैं. इसके अतिरिक्त, प्रत्येक गृह ऋण के साथ हम नि: शुल्क दुर्घटना बीमा ऑफ़र करते हैं.
  • जब आप गृह ऋण के लिए आवेदन करते हैं, तब आप समूह ऋण बीमा कवर के विकल्प का चयन कर सकते हैं. यह उधारकर्ता की मृत्यु पर परिवार को सुरक्षा प्रदान करता है और परिवार को कवर की गई राशि की चुकौती की आवश्यकता नहीं होती. हम आवास ऋण की राशि के साथ - साथ प्रीमियम राशि का भी वित्तपोषण करते हैं, आप कवर के लिए अपने गृह ऋण की किस्त के साथ प्रीमियम भी भर सकते हैं.
  • अधिकतम अवधि : 30 वर्षों तक की अधिकतम अवधि के कारण आपको अधिक राशि वाले समान मासिक किस्तों (या ईएमआई) के दबाव से छुटकारा मिलता है. आप अपनी वित्तीय क्षमताओं के अनुकूल ईएमआई राशि का चयन करते हुए अपने गृह ऋण की चुकौती कर सकते है.
  • टॉप अप ऋण :- ऋण अवधि के दौरान, अधिकतम 5 बार टॉप अप ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो कि हमारे गृह ऋण के प्रमुख लाभों में से एक है
  • कौन पात्र है ? हमारे गृह ऋण के लिए 21 वर्ष से 70 वर्षों के बीच सभी निवासी तथा अनिवासी भारतीय पात्र हैं.
    • नए/ पुराने आवास इकाई की खरीद.
    • घर का निर्माण
    • घर के निर्माण के लिए प्लॉट की खरीद
    • किसी अन्य वित्त कंपनी/ बैंक से लिए गए ऋण की चुकौती.
    • 30 वर्ष तक चुकौती अवधि (अनियत दर विकल्प).
    • भूमि के प्लॉट की खरीद की प्रतिपूर्ति (24 माह के अंदर खरीदा गया).
  • ऋण राशि: स्वीकृत गृह ऋण राशि स्थान एवं आवेदक की आय के अनुसार भिन्न होती है. उदाहरण के तौर पर अर्द्ध-शहरी तथा ग्रामीण शहरों में अधिकतम रु.1 करोड़ जबकि महानगरीय क्षेत्रों में अधिकतम ऋण की राशि रु.5 करोड़ से 10 करोड़ तक हो सकती है.
  • ब्याज दर: ब्याज दर बैंक के बड़ौदा रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (बीआरएलएलआर) से संबद्ध है तथा इसे मासिक आधार पर रिसेट किया जाता है.
  • अवधि एवं अधिस्थगन: ऋण राशि तथा उधारकर्ता की आय के आधार पर हमारे गृह ऋण की अवधि भिन्न होती है और अधिकतम अवधि 30 वर्षों की है. गृह ऋण के लिए अधिकतम अधिस्थगन अवधि ऋण संवितरण के पश्चात 36 माह तक की है.
  • प्रतिभूति: गृह ऋण के एवज में हमें प्रतिभूति की आवश्यकता है. सामान्यत: हम निर्माण की जा रही/ खरीदी जा रही संपत्ति को प्रतिभूति के रूप में स्वीकार करते हैं. लेकिन कुछ मामलों में बीमा पॉलिसी, सरकारी प्रोमिसरी नोट, शेयर तथा डिबेंचर, स्वर्ण आभूषण आदि के रुप में भी गृह ऋण के लिए संपार्श्विक स्वीकार कर सकता है.

नियत दर विकल्प : दिनांक 01.07.2010 से प्रभावी रूप में समाप्त हो गया है.

अनियत दर विकल्प : ऋण पर ब्याज तद्समय लागू अनियत दर (फ्लोटिंग रेट) के अनुसार दैनिक घटते हुए शेष पर मासिक अंतराल पर प्रभारित किया जाएगा. ब्याज दर बड़ौदा रेपो संबद्ध उधार दर (बीआरएलएलआर) से संबद्ध होगा एवं इसे वार्षिक आधार पर पुनर्निर्धारित किया जाएगा. आवेदक/सहआवेदक के सिबिल ब्यूरो स्कोर* के आधार पर ब्याज दर (न्यूनतम बड़ौदा रेपो संबद्ध उधार दर (बीआरएलएलआर) से अधिकतम बड़ौदा रेपो संबद्ध उधार दर (बीआरएलएलआर + 1%) का निर्धारण किया जाएगा जो कि समय समय पर बैंक द्वारा किए जाने वाले संशोधन के अधीन होगा.

नवीनतम ब्याज दरों की जानकारी के लिए यहां  क्लिक करें

एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभार

एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभार में निम्नलिखित शामिल हैं :

  • प्रोसेसिंग प्रभार
  • दस्तावेजीकरण प्रभार
  • दस्तावेज सत्यापन/ जांच प्रभार
  • मंजूरी पूर्व निरीक्षण प्रभार (संपर्क बिंदु सत्यापन)
  • मंजूरी उपरांत निरीक्षण प्रभार (एक बार)
  • विधिक राय हेतु वकील का प्रभार
  • मूल्यांकन हेतु मूल्यांकक का प्रभार
  • ब्यूरो रिपोर्ट प्रभार
  • सरसाई प्रभार
  • आईटीआर सत्याापन प्रभार

प्रोसेसिंग प्रभार जानने के लिए यहां क्लिक करें

लक्ष्‍य समूह

  • निवासी भारतीय
  • भारतीय पासपोर्ट धारक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) या भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) जिनके पास विदेशी पासपोर्ट हो या प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई)
  • स्‍टाफ सदस्‍य (सार्वजनिक योजना के अंतर्गत लाभार्थी)

उधारकर्ता/ओं की पात्रता

  • व्‍यक्ति, एकल या संयुक्‍त
  • हिंदू अविभक्‍त परिवार (एचयूएफ) पात्र नहीं है

निवासी भारतीय

आवेदक/सह-आवेदक/कों को (जिनकी आय पात्रता हेतु विचारणीय है) न्‍यूनतम - 1 वर्ष (वेतनभोगियों के लिए) और/या - 2 वर्ष (गैर-वेतनभोगी के लिए) के लिए नौकरी/व्यवसाय/पेशे में होना चाहिए.

(सेवा में रुकावट (ब्रेक), यदि कोई हो, तो अधिकतम 3 महीने तक की अनुमति दी जा सकती है.)

एनआरआई / पीआईओ / ओसीआई

क) आवेदक/सह-आवेदक/कों (जिनकी आय को पात्रता हेतु विचार किया जाना है) को प्रतिष्ठित भारतीय/विदेशी कंपनी, संस्‍था या सरकारी विभाग में नियमित रूप से नौकरी पर होना चाहिए और उनके पास न्यूनतम विगत 2 वर्षों के लिए वैध नौकरी करार/कार्य अनुज्ञापत्र (वर्क परमीट) होना चाहिए.
अथवा
नियोजित/स्व-नियोजित होना चाहिए या व्यावसायिक इकाई होनी चाहिए और न्‍यूनतम 2 वर्षों तक विदेश में निवास करना चाहिए.

ख) आवेदक/सह-आवेदक/कों की (जिनकी आय पात्रता हेतु विचारणीय है) न्यूनतम सकल वार्षिक आय रु. 5.00 लाख प्रति वर्ष के समतुल्‍य होनी चाहिए.
यदि आवेदक/सह आवेदक/कों, जिनकी आय को पात्रता हेतु विचार किया जाना है, में एनआरआई शामिल हैं, तो न्‍यूनतम रु. 5.00 लाख के न्यूनतम सकल वार्षिक आय (आवेदक/सह-आवेदक दोनों की वार्षिक आय) को इस मानदंड हेतु विचार में लिया जाना चाहिए.

भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) को निम्‍नानुसार विनिर्दिष्ट किया गया है

बांग्लादेश/पाकिस्तान/श्रीलंका/अफगानिस्तान/चीन/ईरान/नेपाल और भूटान के अलावा अन्य किसी भी देश का नागरिक यदि -

  • उसके पास कभी भी भारतीय पासपोर्ट था अथवा
  • वह या उनके माता-पिता या उनके दादा-दादी में से कोई भी नागरिकता अधिनियम 1955, भारतीय संविधान के आधार पर भारत के नागरिक थे, अथवा
  • वह व्यक्ति भारतीय नागरिक का पति/पत्‍नी है या उपर्युक्‍त उप-खंड (ए) या (बी) में विनिर्दिष्ट व्यक्ति है.

विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) को निम्‍नानुसार विनिर्दिष्ट किया गया है

  • नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7 ए के अंतर्गत विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) के रूप में पंजीकृत व्यक्ति.
  • दिशानिर्देशों के अनुसार, विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) को भारतीय मूल का व्यक्ति (पीआईओ) होना अनिवार्य है.
  • विदेशी नागरिक, जो 26.01.1950 को भारत का नागरिक होने का पात्र था अथवा 26.01.1950 को या उसके बाद किसी भी समय भारत का नागरिक था या 15.08.1947 के बाद भारत का हिस्‍सा बने किसी क्षेत्र का नागरिक था और उसके/उनके बच्चे और पोता-पोती, बशर्ते उसकी उनकी नागरिकता का देश स्थानीय कानूनों के अंतर्गत किसी रूप में दोहरी नागरिकता की अनुमति प्रदान करता हो, विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) के रूप में पंजीकरण के लिए पात्र हैं. ऐसे व्यक्ति के छोटे बच्चे भी ओसीआई के लिए पात्र हैं. तथापि, यदि आवेदक कभी पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक रहा हो, तो वह ओसीआई के लिए पात्र नहीं होगा.

सह-आवेदक

उच्च पात्रता के लिए आवेदक के करीबी रिश्तेदारों को सह-आवेदक के रूप में जोड़ा जा सकता है.

यदि आवेदक सह-आवेदक के रूप में किसी ऐसे व्यक्ति को जोड़ना चाहता है जो करीबी रिश्तेदार नहीं है, तो उसे केवल तभी स्‍वीकार किया जा सकता है जब वह संपत्ति का संयुक्त स्‍वामी हो.

करीबी रिश्तेदारों की सूची

पति/प‍त्‍नी, पिता, माता (सौतेली मां सहित), पुत्र (सौतेले पुत्र सहित), पुत्र वधु, पुत्री (सौतेली पुत्री सहित), बेटी का पति, भाई / बहन (सौतेले भाई/बहन सहित), भाई की पत्नी, पति/पत्‍नी की बहन (सौतेली बहन सहित), बहन का पति, पति/पत्‍नी का भाई (सौतेले भाई सहित).

सीमा: अधिकतम सीमा

मुंबई : रु. 10 करोड़

अन्य महानगर (मेट्रों *) : रु. 5 करोड़

शहरी क्षेत्र : रु. 3 करोड़

अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण : रु. 1 करोड़

आवेदक / सह-आवेदक (ओं) के आय मानदंड और चुकौती क्षमता और एलटीवी/मार्जिन मानदंडों के अधीन

चुकौती की अवधि

  • प्रारंभ में 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि सहित ऋण की अधिकतम अवधि 30 वर्ष की होगी.
  • 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि निम्‍नानुसार होगी
  • निर्माणाधीन आवास और 7 वीं मंजिल तक के भवन निर्माण के लिए 18 माह की अधिस्थगन अवधि और उसके बाद 6 माह प्रति अतिरिक्‍त मंजिल अधिस्‍थगन अवधि जो कि अधिकतम 36 माह की अधिस्थगन अवधि के अधीन होगा.

चुकौती क्षमता

प्रस्तावित ईएमआई सहित कुल कटौतियां निम्‍नानुसार से अधिक नहीं होनी चाहिए

वेतनभोगी व्यक्ति

  • रु.20,000/- से कम सकल मासिक आय (जीएमआई) - 50%
  • रु.20,000/- से अधिक लेकिन रु. 50,000/- से कम सकल मासिक आय (जीएमआई) - 60%
  • रु.50,000/- से अधिक लेकिन रु. 2.00 लाख से कम सकल मासिक आय (जीएमआई) - 65%
  • रु. 2.00 लाख से अधिक लेकिन रु. 5.00 लाख से कम सकल मासिक आय (जीएमआई) - 70%
  • रु. 5 लाख और उससे अधिक सकल मासिक आय (जीएमआई) - 75%

अन्य

  • रु. 6 लाख तक औसत सकल वार्षिक आय (विगत 2 वर्षों के लिए) : 70%
  • रु. 6 लाख से अधिक औसत सकल वार्षिक आय (विगत 2 वर्षों के लिए) : 80%

मार्जिन मानदंड और मूल्य की तुलना में ऋण (एलटीवी) अनुपात

ऋण राशि मार्जिन एलटीवी अनुपात
रु. 30/- लाख तक का ऋण 10% 90%
रु. 30/- लाख से अधिक व रु. 75/- लाख तक का ऋण 20% 80%
रु. 75/- लाख से अधिक का ऋण 25% 75%

आयु

न्यूनतम: उधारकर्ता – 21 वर्ष, सह आवेदक – 18 वर्ष
अधिकतम: अधिकतम 70 वर्ष तक की आयु पर विचार किया जा सकता है.*

प्रतिभूति

  • निर्माण की गई/ खरीदी गई परिसंपत्ति का बंधक अथवा
  • यदि बंधक संभव नहीं है तो बैंक अपने विवेकाधिकार के अनुसार बीमा पॉलिसी, सरकारी वचनपत्र, शेयर और डिबेंचर, स्‍वर्ण आभूषण आदि के रूप में प्रतिभूति स्वीकार कर सकता है.

चुकौती

  • प्रारंभिक रूप से 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि के साथ 30 वर्षों की अधिकतम ऋण अवधि.
  • 36 माह की अधिकतम अधिस्थगन अवधि निम्‍नानुसार होगी
  • निर्माणाधीन आवास और 7 वीं मंजिल तक के भवन निर्माण के लिए 18 माह की अधिस्थगन अवधि और उसके बाद 6 माह प्रति अतिरिक्‍त मंजिल अधिस्‍थगन अवधि अधिकतम 36 माह की अधिस्थगन अवधि के अधीन.
  • ऋण की चुकौती समान मासिक किस्तों (ईएमआई) में की जानी है.
  • किसानों/खेतिहरों के मामले में, उत्पादित प्रमुख फसल की कटाई/विपणन के साथ अर्ध वार्षिक किस्‍तों में चुकौती की अनुमति दी जा सकती है.
  • अधिस्थगन अवधि के लिए ब्याज की वसूली, अधिस्थगन अवधि के दौरान लगाए गए ब्याज को नामे करके वसूल की जाएगी.

समय – पूर्व समाप्ति प्रभार

शून्य

ब्याज दर

नियत दर विकल्प : दिनांक 01.07.2010 से प्रभावी रूप में समाप्त हो गया है.

अनियत दर विकल्प ऋण पर ब्याज तद्समय लागू अनियत दर (फ्लोटिंग रेट) के अनुसार दैनिक घटते हुए शेष पर मासिक अंतराल पर प्रभारित किया जाएगा. ब्याज दर बड़ौदा रेपो संबद्ध उधार दर (बीआरएलएलआर) से संबद्ध होगा एवं इसे वार्षिक आधार पर पुनर्निर्धारित किया जाएगा. आवेदक/सहआवेदक के सिबिल ब्यूरो स्कोर* के आधार पर ब्याज दर (न्यूनतम बड़ौदा रेपो संबद्ध उधार दर (बीआरएलएलआर) से अधिकतम बड़ौदा रेपो संबद्ध उधार दर (बीआरएलएलआर + 1%) का निर्धारण किया जाएगा जो कि समय समय पर बैंक द्वारा किए जाने वाले संशोधन के अधीन होगा.

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एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभार

एकीकृत प्रोसेसिंग प्रभार में निम्नलिखित शामिल हैं :

  • प्रोसेसिंग प्रभार
  • दस्तावेजीकरण प्रभार
  • दस्तावेज सत्यापन/ जांच प्रभार
  • मंजूरी पूर्व निरीक्षण प्रभार (संपर्क बिंदु सत्यापन)
  • मंजूरी उपरांत निरीक्षण प्रभार (एक बार)
  • विधिक राय हेतु वकील का प्रभार
  • मूल्यांकन हेतु मूल्यांकक का प्रभार
  • ब्यूरो रिपोर्ट प्रभार
  • सरसाई प्रभार
  • आईटीआर सत्यापन प्रभार

प्रोसेसिंग प्रभार जानने के लिए यहां क्लिक करें

समूह ऋण जीवन बीमा कवर

बैंक ऑफ़ बड़ौदा की अपने गृह ऋण उधारकर्ताओं को जीवन बीमा कवर प्रदान करने के लिए मेसर्स इंडिया फ़र्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ टाई-अप व्यवस्था है.

जीवन बीमा की यह योजना वैकल्पिक है और उधारकर्ता को इसके खर्च का वहन करना होगा. स्वीकृति के समय बैंक द्वारा इसका वित्तपोषण किया जा सकता है तथा इसके किश्‍तों की चुकौती ऋण के साथ की जा सकती है.

मैसर्स इंडिया फर्स्‍ट लाइफ इंश्‍योरेस कंपनी द्वारा ऑफर की गई समूह ऋण जीवन बीमा पॉलिसी की प्रमुख विशेषताएं निम्‍नानुसार हैं :

  • यह गृह ऋण उधारकर्ताओं के लाभ के लिए वैकल्पिक योजना है और शाखाओं द्वारा उधारकर्ता को उनकी पसंद के अनुसार इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस या अन्‍य बीमा प्रदाता के बीच चयन का विकल्प दिया जाएगा.
  • यह समूह बीमा योजना है, जो उधारकर्ता की मृत्यु जैसे आकस्मिकता से सुरक्षा प्रदान करती है.
  • उधारकर्ता की मृत्यु हो जाने पर परिवार को दावा राशि की सीमा तक ऋण की चुकौती करना आवश्यक नहीं है.
  • कवर शेड्यूल के अनुसार देय शेष कवर राशि का भुगतान बीमा प्रदाता द्वारा किया जाएगा.
  • उधारकर्ता की मृत्यु के कारण खाते को एनपीए श्रेणी में स्लिपेज से बचाया जा सकता है.
  • एकमुश्त प्रीमियम के भुगतान पर जीवन बीमा उपलब्ध है और प्रीमियम की राशि उधारकर्ता की आयु, ऋण राशि, ब्याज दर और ऋण की अवधि पर आधारित है.
  • उधारकर्ता के अनुरोध पर कवर प्राप्त करने के लिए प्रीमियम राशि को ऋण के भाग के रूप में वित्तपोषित किया जा सकता है और तदनुसार ईएमआई की गणना की जाएगी. लेकिन गृह ऋण में एलटीवी अनुपात के संबंध में दिए गए दिशानिर्देशों का सख्‍ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
  • प्रीमियम राशि ऋण का भाग हो सकती है जो कि उधारकर्ता की कुल पात्रता मंजूरी के समय बैंक द्वारा वित्तपोषित की जा सकती है और जो ऋण के ईएमआई में वसूली योग्य होगी.
  • ऋण के समय-पूर्व समाप्ति के मामले में, भुगतान किए गए प्रीमियम का कुछ भाग बीमाप्रदाता द्वारा वापस लौटाया जाएगा.

गृह ऋण के लिए आवश्यक मूल दस्तावेज

गृह ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के लिए यहां क्लिक करें PDF file that opens in new window. To know how to open PDF file refer Help section located at bottom of the site. (82 KB)

क्‍या मैं बैंक ऑफ बड़ौदा से गृह ऋण ले सकता/सकती हूं?

  • जी हां, यदि आपने मौजूदा घर / फ्लैट के विस्तार की योजना बना रहे हैं, तो आप बैंक ऑफ़ बड़ौदा से गृह ऋण का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते कि आप
  • न्यूनतम 21 वर्ष के हैं
  • नियमित आय सहित नियोजित या स्वनियोजित हैं

सह आवेदक कौन हो सकता है ?

  • बिक्री के लिए किए गए करार के अनुसार आवासीय गृह के स्वामी, जिसके लिए वित्तीय सहायता ली जा रही है, सह-आवेदक होंगे. सामान्यत: पति-पत्नी, पिता-पुत्र या माता-पुत्र आदि संयुक्त आवेदक होते हैं.

बैंक ऑफ़ बड़ौदा कितना ऋण देता है ?

  • ऋण राशि का निर्धारण आवेदक/कों की चुकौती क्षमता के आधार पर किया जाता है. चुकौती क्षमता, आयु, आय, आश्रितों की संख्या, आस्तियां, देयताएं, पेशे का स्‍थायित्‍व और आय की निरंतरता, बचत आदि के आधार पर विचार करते हुए नियत की जाती है.
  • किसी भी वैयक्तिक आवेदक को, क्षेत्र के आधार पर, जहां प्रस्तावित परिसंपत्ति बनाई/ खरीदी जा रही है, प्रति इकाई रु. 10.00 करोड़ अधिकतम ऋण प्राप्‍त होगा. इस योजना के अंतर्गत परिसंपत्ति की लागत के 90% तक (नए गृह/ फ्लैट हेतु) ऋण प्रदान कर सकते हैं.

मुझे अधिकतम कितनी अवधि के लिए ऋण मिलेगा ?

  • हम अधिकतम 30 वर्षों तक की अवधि के लिए ऋण प्रदान करते हैं. ऋण की अवधि किसी भी परिस्थिति में सेवानिवृत्ति की आयु या 65 वर्ष, जो भी पहले हो, से अधिक नहीं होगी.

लेकिन क्या मैं निर्धारित समय से पहले ऋण की पूर्व-चुकौती कर सकता/सकती हूं ?

  • जी हां, आपके पास स्वयं के स्रोतों से या तो कुछ भाग या पूरी राशि निर्धारित समय से पहले ऋण की पूर्व-चुकौती करने का विकल्प है.

चुकौती का माध्यम क्या है ?

  • समान मासिक किस्त (ईएमआई) : इसका तात्‍पर्य है एकसमान एकमुश्त राशि, जिसमें मूल धन राशि का एक भाग और ब्याज का भुगतान शामिल है. ब्‍याज की गणना दैनिक प्रतिफल आधार पर की जाती है. या
  • ग्राहक के अनुरोध पर क्रमबद्ध आधार पर मासिक/ तिमाही किस्त नियत करने की अनुमति है.

ऋण के लिए प्रतिभूति क्या होगी ?

  • वित्तपोषण की जाने वाली परिसंपत्ति पर साम्यिक बंधक, ऋण के लिए प्रतिभूति होगी.

क्या आप अतिरिक्त संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में एलआईसी पॉलिसी पर बल देते हैं ?

  • जी नहीं, यह अनिवार्य नहीं है.

ऋण के लिए आवेदन करते समय आवश्यक सहायक दस्तावेज़ कौन से हैं?

सभी आवेदकों के लिए सामान्य आवश्यकताएं

  • • विधिवत भरा हुआ आवेदन फार्म (सभी आवेदकों के फोटोग्राफ सहित)
  • आवास और आयु सत्यापन, जिसे पैन कार्ड, मतदाता कार्ड, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेंस और राशन कार्ड आदि से प्रमाणित किया जा सकता है.
  • स्थानीय नगर प्राधिकरण से अनुमोदित प्लान और स्वीकृति पत्र की प्रति.
  • एनए अनुमति की प्रति.
  • एक / दो गारंटीकर्ता / ओं के फॉर्म और वेतन प्रमाण पत्र - यदि गारंटीकर्ता का व्यवसाय है, तो विगत तीन वर्षों के लिए आयकर रिटर्न या निर्धारण आदेश की प्रतियां आवश्यक हैं.
  • विगत दो वर्षों की बैंक पासबुक विवरणी
  • नियोजित आवेदकों के मामले में सभी कटौतियों को दर्शाते हुए नवीनतम वेतन पर्ची / विवरणी.
  • स्वनियोजित आवेदकों के मामले में विगत तीन वर्षों के लिए तुलन पत्र तथा लाभ और हानि खातें, आयकर पावतियां, अग्रिम कर चालान (कंपनी / फर्म और व्यक्तिगत खाते दोनों के लिए) की प्रमाणित प्रतियां
  • कंपनियों के संस्‍था के अंतर्नियम / ज्ञापन, फर्मों के लिए भागीदारी करार और स्वनियोजित आवेदकों के मामले में अपनी कंपनी / फर्म की संक्षिप्त जानकारी
  • आवास और आयु सत्यापन, जिसे पैन कार्ड, मतदाता कार्ड, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेंस और राशन कार्ड आदि से प्रमाणित किया जा सकता है.

अतिरिक्‍त आवश्‍यकताएं

बिल्डर से खरीद के मामले में

  • बिक्री के लिए किए गए करार की प्रति.
  • पंजीकरण रसीद की प्रति
  • सक्षम प्राधिकारियों से स्वीकृत योजना और अनुमोदन पत्र की प्रति
  • एन एअनुमति / यूएलसी आदेश की प्रति
  • पहले से किए गए भुगतान के रसीदों की प्रतियां
  • हमारे प्रारूप में बिल्डरों से अनापत्ति प्रमाणपत्र

सहकारी हाउसिंग सोसायटी में सीधे आबंटन के मामले में

  • आबंटन पत्र
  • शेयर प्रमाण पत्र सोसायटी पंजीकरण प्रमाण पत्र.
  • सोसायटी के पक्ष में बिक्री / पट्टा विलेख की प्रति
  • हमारे प्रारूप में सोसायटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र
  • कब्ज़ा पत्र की मूल प्रति

पुनर्खरीद के मामले में

  • पिछले सभी बिक्री करारों की विधिवत मुहर लगी हुई और पंजीकृत प्रतिलिपि तथा पंजीकरण रसीद ( संवितरण से पहले मूल प्रति प्रदान की जाए)
  • हमारे प्रारूप में सोसायटी / बिल्डर से अनापत्ति प्रमाणपत्र
  • मूल शेयर प्रमाणपत्र

क्या आपके पास अनिवासी भारतीयों के लिए कोई गृह ऋण उत्पाद है?

ब्याज की दर

Rate of Interest
Loan amount upto Rs.75 Lacs

गृह ऋण के लिए ब्‍याज दर (एक वर्ष एमसीएलआर से एक वर्ष एमसीएलआर (+1.00%) आवेदक / कों की जोखिम रेटिंग के अनुसार. [वर्तमान में 8.40%]

Loan amount above Rs.75Lacs

गृ‍ह ऋण के लिए ब्‍याज दर (एक वर्ष एमसीएलआर से एक वर्ष एमसीएलआर+1.00%) आवेदक / कों की जोखिम रेटिंग के अनुसार. [वर्तमान में 8.40%]

अन्य सभी नियम व शर्तें सामान्य आवास ऋण योजना की तरह लागू होंगीं

गृह ऋण पूछताछ के लिए

समर्थन के किसी भी प्रकार के लिए कॉल करें और हानि या चोरी के लिए हमें रिपोर्ट करें

टोल फ्री (24x7)

1800 220 400

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